बीआरसी की गाली-गलौज से कर्मचारी त्रस्त: कलेक्टर तक पहुंची शिकायत; मुकेशचंद्र पटेल की दबंगई
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शिक्षा विभाग के एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की बदजुबानी ने प्रशासनिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। सांवेर के विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) मुकेश चंद्र पटेल के खिलाफ कर्मचारियों ने सीधे कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। आरोप है कि मुकेशचंद्र पटेल का व्यवहार अमर्यादित है, वे आए दिन कर्मचारियों को गालियां देते हुए उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
दफ्तर के लगभग एक दर्जन कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित शिकायती पत्र में स्पष्ट किया है कि कार्यालय का माहौल पूरी तरह से अमानवीय हो चुका है। कर्मचारियों के अनुसार पटेल को अधीनस्थों से बात करने तक का सलीका नहीं है।
गाली-गलौज और पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण कर्मचारी तनाव और भय में काम करने को मजबूर हैं। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस निरंतर उत्पीड़न के कारण किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना या हादसा होता है तो उसकी सीधी जिम्मेदारी मुकेशचंद्र पटेल की होगी।
मुकेशचंद्र पटेल को किसका संरक्षण?
सांवेर के बीआरसी मुकेश चंद्र पटेल ने पिछले वर्ष सितंबर माह में जर्जर स्कूली भवनों और भारी बारिश के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक में अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए कहा था कि जिसको मरना है वह मरेगा।
इस लापरवाही और अमर्यादित टिप्पणी पर जिला परियोजना समन्वयक द्वारा कारण बताओ नोटिस (पत्र क्र. 3030) जारी किया गया था, लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला एक बड़ी सौदेबाजी की भेंट चढ़ गया।
सौदेबाजी की भेंट चढ़ गया प्रशासनिक अनुशासन
हैरानी की बात यह है कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई के बजाय पर्दे के पीछे हुई डील ने इस बेलगाम अधिकारी को अभयदान दे दिया। इसी प्रशासनिक लचरता और कथित लेन-देन का नतीजा है कि आज मुकेशचंद पटेल के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों को सरेआम गालियां दे रहे हैं।
कार्यालय के कर्मचारी आज जिस मानसिक प्रताड़ना और अपमान के साए में जी रहे हैं उसकी जड़ें उसी सौदेबाजी में छिपी हैं, जिसने एक नोटिस दिए हुए अधिकारी को सजा के बजाय संरक्षण दिया।
कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि जो अधिकारी बच्चों की मौत पर उपहास उड़ा सकता है वह कर्मचारियों के साथ मानवीय व्यवहार कैसे करेगा?
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