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अमेंडमेंट बिल के विरोध में बिजलीकर्मियों में आक्रोश: सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 मार्च 2026, 4:41 pm
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अमेंडमेंट बिल के विरोध में बिजलीकर्मियों में आक्रोश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 के खिलाफ बिजलीकर्मियों का विरोध अब सड़कों पर आ गया है। मध्य प्रदेश सहित देशभर में बिजलीकर्मी नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी फॉर पॉवर एम्प्लाईज एवं इंजीनियर्स के आह्वान पर मप्र विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा में शामिल प्रदेश के समस्त बिजलीकर्मियों के संगठनों ने ऊर्जा परिसर पोलो ग्राउंड के गेट नंबर 2 पर प्रदर्शन करते हुए इस बिल को बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदना पड़ सकती है।

मप्र पत्रोपाधि अभियंता संघ के महासचिव जीके वैष्णव ने कहा यह बिल न केवल उनकी नौकरियों को खतरे में डाल रहा है, बल्कि आम जनता के सस्ते और सुरक्षित बिजली अधिकार को भी प्रभावित करेगा। सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश कर रही है, जिससे बिजली की कीमतें बढ़ेंगी और गरीब लोगों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान होगा। साथ ही बिजली पेंशनर्स कर्मचारियों की पेंशन पर भी संकट आ सकता है।

मप्र विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी ने सरकार की नीतियों की कठोर आलोचना करते हुए बताया केंद्र सरकार द्वारा निजीकरण की दिशा में उठाया जाने वाला यह कदम बिजली के क्षेत्र में कार्यरत लाखों कर्मचारियों, बेरोजगार नौजवानों, आम बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के हितों पर घातक प्रहार है।

बिजलीकर्मियों ने सरकार से मांग की है कि इस बिल को तुरंत वापस लिया जाए और बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाकर बिना किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे इस जनविरोधी इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल को सदन में पारित नहीं किया जाना चाहिए।

बिजलीकर्मियों की प्रमुख मांगें
इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को वापस लिया जाए

बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाया जाए।

गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए
बिजली जैसे तकनीकी एवं संवेदनशील क्षेत्र में संविदा एवं आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पर रोक लगाकर कार्यरत समस्त कर्मचारियों को नियमित किया जावे।

बिजली क्षेत्र के समस्त पेंशनर्स कर्मचारियों को ट्रेज़री से पेंशन की गारंटी दी जावे।

उक्त सांकेतिक धरने में संयुक्त मोर्चा के संयोजक जीके वैष्णव, पेंशनर्स एसो. के अध्यक्ष पीएल मकवाना, सचिव सुदर्शन जटाले, केके तिवारी, तकनीकी कर्म. संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी, संगठन मंत्री असलम खान, जनता यूनियन के अध्यक्ष संजय विधानी, मप्र विद्युत मंडल बिजली कर्मचारी संघ के महामंत्री सुशील शर्मा, गणेश जेठा, आरक्षित वर्ग कर्मचारी संघ के श्री मुकेश मेहना सहित अन्य संगठनों के तमाम प्रतिनिधि एवं बिजली कर्मी शामिल थे।

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