नशे का कारोबार और महिलाओं से छेड़छाड़: क्या यह है सब्जी मंडी हटाने के पीछे की असली वजह; निगम ने मौके पर तैनात की अपनी गाड़ी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
संविद नगर क्षेत्र में सब्जी मंडी हटाने को लेकर सामने आई शिकायतों के बीच अब एक चौंकाने वाला पहलू उजागर हुआ है। स्थानीय रहवासियों, खासकर महिलाओं ने आरोप लगाया है कि मंडी की आड़ में न सिर्फ अव्यवस्था फैल रही थी, बल्कि यहां नशे का अवैध कारोबार और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी हो रही थीं।
वीडियो सबूत तैयार कर महापौर को भेजे
क्षेत्र की करीब 20 से 25 महिलाओं ने इस संबंध में वीडियो सबूत तैयार कर महापौर और नगर निगम अधिकारियों को भेजे हैं। महिलाओं का कहना है कि मंडी हटने के बाद अब वे पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
जबरन हटाई गई मंडी, फिर भी डटे कुछ ठेले वाले
गौरतलब है कि हाल ही में नगर निगम ने संविद नगर की सड़क पर लगने वाली इस सब्जी मंडी को हटाकर उसे पास के ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर दिया था। हालांकि, इसके बावजूद कुछ ठेला संचालक अभी भी पुराने स्थान पर मंडी लगाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निगम ने मौके पर अपनी गाड़ी तैनात कर दी है, ताकि दोबारा यहां अवैध रूप से मंडी न लग सके।
घरों के बाहर लगती थीं दुकानें, रहवासी थे परेशान
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंडी के कारण सड़क पूरी तरह घिर जाती थी और दुकानदार सीधे घरों के दरवाजों तक कब्जा कर लेते थे। इससे रहवासियों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया था। इस समस्या को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया गया।
छेड़छाड़ की घटना और सीसीटीवी फुटेज से खुलासा
रहवासियों ने बताया कि कुछ दिन पहले यहां एक महिला के साथ छेड़छाड़ की घटना भी सामने आई थी। इस घटना के सीसीटीवी फुटेज भी महापौर को सौंपे गए हैं, जिससे इलाके की स्थिति की गंभीरता सामने आई।
नशे का अड्डा बनी थी मंडी
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि मंडी क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार पनपने लगा था। एक पुराने स्कूटर से गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए, जिन्हें आसपास के युवाओं को बेचा जा रहा था। इसके अलावा, एक चाय दुकान पर भी संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, जहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता था और खुलेआम नशे की खरीद-फरोख्त होती थी।
महिलाओं ने वीडियो बनाकर भेजे, सुरक्षा की मांग
इन सभी घटनाओं से परेशान होकर क्षेत्र की महिलाओं ने खुद वीडियो बनाकर महापौर और नगर निगम अधिकारियों को भेजे। उनका उद्देश्य था कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले और दोबारा यहां मंडी न लगने दे।
डर और असुरक्षा
महिलाओं का कहना है कि पहले वे डर और असुरक्षा के कारण घर से बाहर निकलने में हिचकिचाती थीं, लेकिन अब मंडी हटने के बाद वे निडर होकर बाहर आ-जा सकती हैं। साथ ही, बच्चों ने भी अब बाहर खेलना शुरू कर दिया है।
फिर से मंडी न लगाने की मांग
स्थानीय महिलाओं और रहवासियों ने प्रशासन से साफ तौर पर मांग की है कि इस स्थान पर दोबारा मंडी लगाने की अनुमति न दी जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे।
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