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विश्व प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज: पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 अप्रैल 2026, 4:22 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट के खिलाफ उनकी पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है। इसमें पुनीत भट्ट की दूसरी पत्नी इंदिरा भट्ट (शर्मा) ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, साजिशपूर्वक घर से निकालने तथा तलाक के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पुनीत भट्ट पहले ही इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर कर चुके हैं।

शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया
महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और दहेज में एक करोड़ रुपये नकद और फॉर्च्यूनर कार की मांग की जा रही थी।
दरअसल, पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि आरोपी पुजारी पुनीत भट्ट शादी के बाद से ही लगातार दबाव बना रहे थे और दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था।

दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना पुलिस ने पहले जनसुनवाई में आवेदन लिया, फिर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पुजारी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

महिला का यह है आरोप
इंदिरा भट्ट के अनुसार, उनका विवाह सामान्य प्रक्रिया के तहत नहीं बल्कि जल्दबाजी में तय किया गया। उनका दावा है कि पहली मुलाकात से लेकर शादी तक पूरा घटनाक्रम महज 17 दिनों में पूरा हो गया। उन्हें आश्वस्त किया गया कि विवाह के बाद सभी जिम्मेदारियां संभाल ली जाएंगी।

शादी के बाद बदल गए हालात
इंदिरा का कहना है कि शुरुआती समय सामान्य रहा, लेकिन बाद में परिस्थितियां तेजी से बदलीं। उनके अनुसार, परिवार में एक सदस्य की गर्भावस्था की खबर के बाद उनके प्रति व्यवहार में बदलाव आया और उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश शुरू हो गई।

घर से निकालने की साजिश का दावा
इंदिरा ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से बाहर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से घटनाक्रम रचा गया। उनका कहना है कि परिवार के सदस्यों ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक दिन अचानक पूरा ससुराल पक्ष घर छोड़कर चला गया और जब वह वापस लौटीं तो घर पर ताला लगा हुआ मिला।

उनका आरोप है कि उन्हें बिना सामान के घर से बाहर कर दिया गया और उनके जेवर व नकदी भी अपने पास रख लिए गए। इंदिरा के अनुसार, दिसंबर 2025 में एक घटना के दौरान उनके पति ने रास्ते में उनकी कार रुकवाकर उनसे माफी मांगी और आपसी सहमति से तलाक (म्यूचुअल डिवोर्स) के लिए दबाव बनाया।

आरोप निराधार, छवि खराब करने की कोशिश
दूसरी ओर इस मामले का खुलासा होने के बाद पुजारी पुनीत भट्ट ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया था। उनका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे वहां सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। पुनीत के अनुसार, उनकी पहली पत्नी का निधन वर्ष 2020 में हो चुका था और लंबे समय बाद उन्होंने दूसरी शादी की। उनका कहना है कि यह विवाह आपसी सहमति से हुआ था और इंदिरा की भी यह दूसरी शादी है।

वैवाहिक जीवन में तनाव और मनोवैज्ञानिक दबाव
पुनीत भट्ट के अनुसार शादी के कुछ समय बाद से ही वैवाहिक संबंधों में तनाव शुरू हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मानसिक दबाव बनाया गया और कई मुद्दों पर मतभेद बढ़ते गए।्उन्होंने यह भी कहा कि तलाक की पहल पहले पत्नी की ओर से की गई थी और उन्होंने खुद आपसी सहमति से अलग होने की बात कही थी। इसी विवाद से जुड़े एक अन्य प्रकरण में महिला के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया जा चुका है।

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