गड़ा धन बताकर डॉक्टरों से ठगी: एक ही परिवार के 4 आरोपी गिरफ्तार; 1.55 करोड़ रुपए नकद किए बरामद
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
क्राइम ब्रांच ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘गड़ा धन’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने हरियाणा के एक ही परिवार के चार आरोपियों को झांसी से गिरफ्तार किया है।
1.55 करोड़ कैश, 84 ग्राम सोना बरामद
आरोपियों के पास से 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना और करीब 20 किलो नकली सोने की गिन्नियां बरामद की गई हैं।
डॉक्टरों को बनाया निशाना
आरोपियों ने जबलपुर के तीन डॉक्टरों को निशाना बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। वे पहले इलाज के बहाने डॉक्टरों से संपर्क करते थे, फिर खुद को मजदूर बताकर ‘गड़ा हुआ सोना’ मिलने की कहानी सुनाते थे।
ऐसे बनाते थे भरोसा
गिरोह के सदस्य शुरुआत में 4-5 असली सोने की गिन्नियां दिखाते थे। जब पीड़ित इनकी जांच करवाते, तो वे असली निकलती थीं। इससे उनका भरोसा जीत लिया जाता था।
कम कीमत में सोना देने का झांसा
इसके बाद आरोपी बाजार से काफी कम दाम करीब 12 लाख रुपए प्रति किलो में बड़ी मात्रा में सोना देने का लालच देते थे। सौदा तय होने पर वे नकली सोने की गिन्नियां या बिस्किट देकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते थे।
तीन मामलों में करोड़ों की ठगी
1 अप्रैल 2026: एक डॉक्टर से 7 किलो नकली सोना देकर करीब 10 लाख रुपए ठगे गए
3 अप्रैल: 5 किलो सोने के नाम पर 50 लाख रुपए की ठगी
4 अप्रैल: 12 किलो नकली सोने के बदले 1 करोड़ रुपए हड़पे
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
मामले की शिकायत संपत उपाध्याय तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन झांसी में मिली, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पनागर से भारी बरामदगी
पूछताछ में आरोपियों ने पनागर स्थित किराये के मकान में रकम छिपाने की जानकारी दी। तलाशी में 1.55 करोड़ रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना, 20 किलो नकली गिन्नियां और 11 मोबाइल जब्त किए गए।
एक ही परिवार के चार सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने पन्नालाल राठौर (60), धर्मेंद्र (34), वीरेंद्र (30) और रामादेवी (52), निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित शिकार और नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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