डायवर्सन टैक्स मामला: डेली कॉलेज की याचिका खारिज; मॉल संचालक को मिली राहत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में डायवर्सन टैक्स वसूली को लेकर जारी नोटिस के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है। एक ओर डेली कॉलेज की याचिका खारिज कर दी गई, वहीं दूसरी ओर कारोबारी गुरजीत सिंह (पिंटू छाबड़ा) को राहत देते हुए स्टे प्रदान किया गया।
डेली कॉलेज को करोड़ों के नोटिस
जिला प्रशासन ने जूनी इंदौर एसडीएम के माध्यम से डेली कॉलेज प्रबंधन को दो नोटिस जारी किए थे। करीब 1.50 करोड़ रुपये का नोटिस (मूसाखेड़ी स्थित 3.34 लाख वर्गमीटर जमीन पर 5 साल का बकाया) है।
इतना ही नहीं 13.35 लाख रुपए का नोटिस (चितावद गांव की जमीन पर बकाया टैक्स) है। कॉलेज प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनका पक्ष सुने बिना एकतरफा कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि कॉलेज प्रबंधन को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। साथ ही, वैकल्पिक अपील का विकल्प भी उपलब्ध है। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
पिंटू छाबड़ा को मिली राहत
वहीं प्रशासन ने निपानिया स्थित जमीन को लेकर पिंटू छाबड़ा और उनकी पत्नी प्रभजोत कौर को भी नोटिस जारी किए थे। छाबड़ा को 3.667 हेक्टेयर जमीन पर 57.36 लाख रुपए और 1.939 हेक्टेयर जमीन पर 49.25 लाख रुपए बकाया को लेकर नोटिस मिला था। यह जमीन बायपास के पास स्थित है, जहां बड़े आयोजन होते हैं।
पुराने स्टे का मिला फायदा
छाबड़ा ने कोर्ट में दलील दी कि जमीन को लेकर मामला पहले से न्यायालय में लंबित है और 21 मार्च 2021 को स्टे ऑर्डर दिया जा चुका है। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए पुराने आदेश को बरकरार रखा और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी।
यह है पूरा मामला
डायवर्सन टैक्स वसूली को लेकर जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ दोनों पक्ष हाईकोर्ट पहुंचे थे।
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