राजवंश में गद्दी को लेकर गहराया विवाद: नए उत्तराधिकारी को लेकर सवाल; लगे धोखाधड़ी के आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
होलकर राजवंश में एक बार फिर उत्तराधिकार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महारानी उषादेवी ने यशवंतराव रेण्डोल को राजवंश का 16वां उत्तराधिकारी घोषित किया। इस निर्णय के बाद अन्य वंशजों ने इसे धोखाधड़ी और परंपरा के खिलाफ करार देते हुए विरोध जताया है।
विवाद की शुरुआत
इंदौर में राजवंश के उत्तराधिकारी को लेकर बहस तेज हुई है। महारानी उषादेवी के इस फैसले के बाद, कुछ पारिवारिक सदस्यों ने यशवंतराव रेण्डोल को असली उत्तराधिकारी न मानने का दावा किया है।
नए उत्तराधिकारी की घोषणा
26 मार्च को मल्हारी मार्तंड मंदिर में राजवंश की परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद उषादेवी ने यशवंतराव रेण्डोल का नाम लिया। उन्हें तलवार और बहादुरी के प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। रेण्डोल, जिन्हें कभी-कभी यशवंत राव होलकर तृतीय कहा जाता है, स्वर्गीय शिवाजी राव होलकर द्वितीय और सैली (शालिनी देवी) के पुत्र हैं।
आरोप: धोखाधड़ी और परंपरा का उल्लंघन
इस फैसले पर अंशुमंत राव, गौतम और जगदीपेंद्र होलकर ने आपत्ति जताई है। अंशुमंत राव द्वारा सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। उनका कहना है कि हिंदू परंपरा के अनुसार केवल वैध हिंदू विवाह से उत्पन्न संतान ही राजवंश की उत्तराधिकारी हो सकती है। यशवंतराव रेण्डोल की पृष्ठभूमि को लेकर आरोप है कि उनके पिता और माता दोनों ईसाई हैं, इसलिए वे परंपरागत रूप से उत्तराधिकारी नहीं माने जा सकते।
महारानी उषादेवी का अधिकार विवाद में
सूत्रों के अनुसार, उषादेवी का महारानी का पद 1971 में भारतीय संविधान के संशोधन के बाद समाप्त हो गया, और उनका विवाह सतीश मल्होत्रा से हो चुका है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी घोषित करने का अधिकार नहीं बचा।
असली वंशजों का दावा
अंशुमंत राव ने कहा है कि असली वंशज वे स्वयं और उनके भाई हैं। उनके पिता मल्हारराव होलकर का नाम 1946-47 के डिटेल बजट एस्टीमेट में सूचीबद्ध है। वहीं, रिचर्ड होलकर का नाम इसमें शामिल नहीं है। इसके चलते उन्होंने जिला कोर्ट में भी केस दर्ज कराया है।
होलकर वंश का इतिहास
इस वंश की स्थापना सूबेदार मल्हारराव होलकर ने 1731 में की थी। 1766 तक मल्हाराव रहे, उसके बाद एक साल के लिए मालेराव होलकर। मां देवी अहिल्या बाई का कार्यकाल 1767 से 1795 तक माना जाता है। अंतिम महाराज यशवंत राव होलकर द्वितीय का शासन 1926 से 1948 तक रहा। यशवंत राव के तीन विवाह हुए: पहला संयोगिता देवी से (उषादेवी की संतान), तीसरा अमेरिकी महिला यूफेरिया से (रिचर्ड होलकर की संतान)।
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