आत्महत्या के लिए नहीं उकसाया: लेकिन काम में लापरवाही की; डीसीपी को एसीपी की रिपोर्ट नहीं मिली, जांच के संकेत मिल गए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
टैक्सी ड्राइवर युवक की खुदकुशी में एक पखवाड़े बीतने को हैं, लेकिन एसीपी गांधी नगर ने अभी तक अपनी रिपोर्ट डीसीपी जोन-3 को नहीं दी है।
हालांकि खुलासा फर्स्ट को चर्चा में डीसीपी ने बताया कि रिपोर्ट तो नहीं मिली, लेकिन प्राथमिक संकेत मिले हैं कि एसआई ने ड्राइवर को खुदकुशी के लिए नहीं उकसाया लेकिन काम में लापरवाही जरुर की है। अब उसकी विभागीय जांच चलेगी।
उल्लेखनीय है कि 6 अप्रैल को टैक्सी और रैपीडो चलाने वाले अभिषेक पिता सुरेश ने पलास परिसर, राऊ के अपने किराए के फ्लैट में फांसी लगाकर जान दे दी थी। मौत से पहले उसने वीडियो बनाया था जिसमें उसने राजेंद्र नगर थाने के एसआई मनोहर पाल पर एक कार से उसकी रिक्शा की टक्कर होने पर वसुली के लिए प्रताडऩा देने के आरोप लगाए थे।
वीडियो वायरल होने पर एसआई को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई थी। इसके बाद राजेंद्र नगर टीआई नीरज बिरथरे पर भी गाज गिरी और 9 अप्रैल को उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया। पूरे मामले की जांच डीसीपी जोन-3 कृष्ण लालचंदानी ने एसीपी गांधी नगर निधि सक्सेना को सौपी थी।
तीन दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। हालांकि लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि एसआई मनोहर पाल ने अभिषेक को आत्महत्या के लिए नहीं उकसाया लेकिन अपने काम में लापरवाही जरूर बरती है।
चलेगी विभागीय जांच
आत्महत्या के लिए उकसाने के नहीं मिले सबूत लेकिन कार्रवाई नहीं की इसलिए अब एसआई मनोहर पाल की विभागीय जांच चलेगी। वहीं, टीआई नीरज बिरथरे की स्टॉफ पर नियंत्रण नहीं होने की लापरवाही सामने आई है। फिलहाल वे लाइन अटैच ही रहेंगे।
- कृष्ण लालचंदानी (डीसीपी जोन-3)
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