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मातृशक्ति की भक्ति ब्लेंक चेक की युक्ति: अमित शाह ने तोड़ा भ्रम; दक्षिण का दबदबा नहीं होगा कम

KHULASA FIRST

संवाददाता

17 अप्रैल 2026, 1:57 pm
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मातृशक्ति की भक्ति ब्लेंक चेक की युक्ति

पीएम ने महिला आरक्षण का श्रेय विपक्ष को दिया

अमित शाह आज देंगे दो दिन से चल रही बहस का जवाब, तीनों बिल पर आज शाम 4 बजे होगी वोटिंग

मायावती ने सपा-कांग्रेस के खिलाफ खोला मोर्चा, वोटिंग के पहले विपक्ष में बिखराव के संकेत

परिसीमन बिल पास हुआ तो 815 में से 272 सीटें महिलाओं के लिए हो जाएंगी आरक्षित, केंद्र शासित राज्यों में 35 सीटें

प्रियंका ने अमित शाह को बताया चाणक्य, कहा- चाणक्य आज जिंदा होते तो वे भी चौंक जाते

गृहमंत्री शाह ने साफ किया, दक्षिणी राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी, बल्कि बढ़ जाएंगी

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज दोपहर 3 बजे लोकसभा में बोलेंगे, अब नंबर गेम पर सबकी नजरें

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अब सारा खेल संख्याबल का है। गुरुवार से शुरू हुई बहस और बहस के स्वरूप को देखें तो फिलहाल मोदी सरकार का ये तीन बिल को सदन से पास करा ले जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं होगा। विपक्ष के तेवर महिला आरक्षण पर तो सरकार के प्रति नरम हैं, लेकिन लोकसभा की सीट संख्या में इजाफे को लेकर लाए जा रहे परिसीमन बिल पर भृकुटियां तनी हुई हैं।

कांग्रेस, सपा, टीएमसी व डीएमके इस मुद्दे पर आगबबूला हैं। इनकी एकजुटता ने फिलहाल तो इन तीन बिल के सदन से पास होने पर संशय बना दिया है, लेकिन सत्तापक्ष के नेताओं की बॉडी लैंग्वेज बता रही है कि सरकार यूं ही नहीं ये विशेष सत्र लेकर आई है।

विपक्ष का बिखराव व सदन में कुछ दलों की गैरमौजूदगी ही सरकार की नैया पार करवाएगी। शुक्रवार सुबह से इसकी शुरुआत हो भी गई। अब तक चुप बसपा की मायावती एक पत्र के जरिये एकाएक मुखर हो गईं और निशाने पर सपा-कांग्रेस को ले लिया।

शाम 4 बजे के बाद इन बिलों पर वोटिंग होना तय है। इसके पहले आज राहुल गांधी के भी बोलने के आसार हैं। गृहमंत्री समस्त चर्चा का जवाब देंगे। फिर वोटिंग होगी। अगर बिल पास होता है तो देश के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन होगा।

लो कतंत्र में महिलाओं की भागीदारी के मामले में भारत जगत के सामने इतिहास रचने के कगार पर है। अगर सब कुछ सरकार की मंशा के अनुरूप हुआ तो आज दिन ढलने तक हिंदुस्तान की आधी आबादी को लोकसभा, विधानसभा में पूरा हक मिल जाएगा।

इस मामले में सरकार और विपक्ष गुरुवार से सदन में चर्चारत हैं। विशेष सत्र के जरिये इस मुद्दे पर हो रही बहस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण पर बड़े दिल से बड़ी बात कही। उन्होंने विपक्ष से कहा कि ये बिल पास करा दें। इसका पूरा श्रेय आप ले लें।

मैं इस मामले में आपको ब्लेंक चेक देता हूं कि इसका सारा क्रेडिट विपक्ष का है। प्रधानमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने ये भी कहा कि विपक्ष कहेगा तो हम सरकारी खर्च पर विज्ञापन भी जारी कर देंगे, जिसमें विपक्ष के नेताओं के फोटो भी होंगे।

महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस को प्रधानमंत्री के ब्लेंक चेक वाले बयान ने नया मोड़ दे दिया। उधर, विपक्ष ने एक बार फिर साफ कर दिया कि हम आरक्षण नहीं, परिसीमन के खिलाफ हैं।

गुरुवार की बहस के दूसरे स्टार रहे गृहमंत्री अमित शाह। हालांकि शाह का इस पूरी बहस पर विस्तृत जवाब आज शाम आएगा, लेकिन कल सदन में विपक्ष की तरफ से उठे मुद्दों व शंकाओं पर गृहमंत्री शाह ने संक्षिप्त जवाब दिया और उन सब आशंकाओं को निर्मूल साबित करने की कोशिश की, जो लोकसभा की सीटों के विस्तार से जुड़ी थीं।

शाह ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ये भ्रम न फैलाए कि इस परिसीमन से दक्षिण के राज्यों की ताकत व हिस्सेदारी कम हो जाएगी। शाह ने आंकड़ों के साथ सदन को बताया कि इस परिसीमन से दक्षिण में राज्यों की सीट में कैसे और कितना इजाफा होगा।

उन्होंने दक्षिण के राज्यों को आश्वस्त किया कि परिसीमन के बाद आप सबकी लोकसभा में हिस्सेदारी वर्तमान की तुलना में रत्तीभर भी कम नहीं होगी। शाह ने समाजवादी पार्टी की उस मांग को भी सख्त लहजे के साथ खारिज कर दिया, जिसमें महिला आरक्षण में मुस्लिम महिलाओं को अलग से आरक्षण की मांग की गई थी।

प्रियंका ने दी चाणक्य की संज्ञा तो मुस्कुराए शाह
तीन अहम बिल पर आहूत सदन के इस तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन की तीसरी स्टार रही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी। गांधी ने अपने वक्तव्य के जरिये इस गर्मागर्म बहस को सहज, सरल व हास्यपूर्ण किया।

उन्होंने अपने चिरपरिचित संयत व सौम्य लहजे में देश के गृहमंत्री पर जबरदस्त कटाक्ष भी किया और इसके बावजूद उन्हें मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। ब्लू साड़ी में हमेशा की तरह दर्शनीय लग रही प्रियंका ने जब चश्ने को आंखों से नीचे कर शाह को चाणक्य कहा तो सदन खिलखिला उठा।

शाह को मुस्कुराते देख कहा कि हंस रहे आप। हंसिए। आज चाणक्य जिंदा होते तो वे भी चौंक जाते। गांधी ने चाणक्य से शाह की तुलना, सरकार की इन तीन बिल पर बनाई रणनीति के मद्देनजर किया।

शाह ने भी अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी का जिक्र किया और उनकी उस आशंका का समाधान किया, जिसमें उन्होंने डिलिमिटेशन मामले में पक्षपात की आशंका जताई थी।

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