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बाबा महाकाल के दरबार में उमड़े भक्त: 44 घंटे लगातार होंगे दर्शन महाशिवरात्रि पर 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 12:51 अपराह्न
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बाबा महाकाल के दरबार में उमड़े भक्त

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
महाशिवरात्रि पर्व पर आज उज्जैन में 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सुबह 10 बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। रविवार होने के कारण भीड़ तेजी से बढ़ रही है। होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल बुक हो चुके हैं।

मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में स्थापित सभी प्रतिमाओं का पूजन कर हरिओम का जल अर्पित हुआ। कपूर आरती के बाद पंडे-पुजारियों ने जलाभिषेक किया। फिर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया।महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ मोगरे और गुलाब से बनी फूलों की माला अर्पित की गई।

तड़के हुई भस्म आरती में प्रवेश पासधारी श्रद्धालुओं के साथ चलित भस्म आरती के दर्शन भी कराए। महाकाल मंदिर समिति का दावा है पर्व के दौरान औसतन 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। परंपरानुसार महाकाल को दिनभर जल अर्पित किया जाएगा। चार पहर की पूजा के चलते मंदिर रात भर खुला रहेगा। 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद करीब 10:45 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। यानी करीब 44 घंटे लगातार महाकाल के दर्शन होंगे।

भस्म आरती के बाद ये पूजन होंगे

रात 2.30 बजे पट खुलने के बाद भस्म आरती की गई। सुबह 7:30 से 8:15 तक दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 बजे तक भोग आरती होगी। दोपहर 12 से 1 बजे तक तहसील की ओर से अभिषेक-पूजन होगा। फिर होलकर और सिंधिया परिवार की तरफ से पं. घनश्याम पुजारी अभिषेक करेंगे। उसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान की शाम 6 बजे की आरती होगी। रात 7 से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुंड पर स्थित कोटेश्वर महादेव का पंचामृत पूजन, सप्तधान अर्पण के बाद पुष्प मुकुट श्रृंगार आरती होगी। आज शयन आरती नहीं होगी।

400 क्विंटल लड्डू प्रसादी तैयार, 20 काउंटर लगाए: महाकाल मंदिर समिति का लड्डू प्रसाद देश भर में प्रसिद्ध है। रोजाना 30 से 40 किवंटल लड्डू प्रसादी बनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर्व के लिए 400 किवंटल लड्डू प्रसादी बनाई गई है। मंदिर और आसपास 20 काउंटर लगाए गए हैं।

सप्तधान्य का मुखौटा धारण करेंगे महाकाल: मंदिर में सोमवार को प्रात: 4 बजे से भगवान महाकाल को सप्तधान्य का मुखौटा धारण कराया जाएगा। पंडित महेश शर्मा ने बताया कि 16 फरवरी को सुबह सप्त धान्य यानी चावल, मूंग खड़ा, तिल, मसूर खड़ा, गेहूं, जौ, उड़द खड़ा भगवान को अर्पित करेंगे। बाबा को सवा मन फूलों का पुष्प मुकुट बांध कर सोने के कुंडल, छत्र व मोरपंख, सोने के त्रिपुण्ड से सुसज्जित किया जाएगा। प्रात: 6 बजे सेहरा आरती के दौरान चांदी के बिल्वपत्र और सिक्के न्यौछावर किए जाएंगे।


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