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महापर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा: इस ज्योतिर्लिंग के इतने लाख भक्तों ने अब तक किए दर्शन

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 फ़रवरी 2026, 6:03 पूर्वाह्न
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महापर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
महाशिवरात्रि पर्व पर देर रात से ही भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल के दर्शनों के लिए वैसे तो साल भर ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त तीर्थनगरी पहुंचते हैं, लेकिन पर्व के दिनों में यहां अपार जनसमुदाय उमड़ता है।

10.30 बजे तक डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार सुबह 10.30 बजे तक डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार अवकाश होने के कारण भी भक्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शहर में होटल, लॉज और होम-स्टे में जगह नहीं हैं। प्रबंध समिति और अधिकारियों के अनुसार पर्व पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

रात्रि 2:30 बजे खुले मंदिर के पट
पंडितों के अनुसार मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश के बाद मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में स्थापित प्रतिमाओं का पूजन कर हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद पंडे-पुजारियों ने भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया।

राजा स्वरूप में किया श्रृंगार
महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ मोगरे और गुलाब के फूलों की माला अर्पित की गई।

भस्म आरती के चलित दर्शन
भस्म आरती में पासधारी श्रद्धालुओं के साथ-साथ चलित भस्म आरती के दर्शन भी कराए गए। पर्व के दौरान औसतन 40 मिनट में दर्शन कराए जा रहे हैं। परंपरा के अनुसार महाकाल को दिनभर जल अर्पित किया जाएगा। चार पहर की पूजा के चलते मंदिर रात भर खुला रहेगा। 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद करीब 10:45 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। यानी करीब 44 घंटे लगातार महाकाल के दर्शन होंगे।

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