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भक्तों ने बाबा महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से खेली होली पुजारियों- पुरोहितों नेे उड़ाया गुलाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 मार्च 2026, 4:39 pm
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भक्तों ने बाबा महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से खेली होली पुजारियों- पुरोहितों नेे उड़ाया गुलाल

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को होली धूमधाम से मनी। चंद्र ग्रहण की वजह से कई स्थानों पर धुलेंडी पर्व मनाने को लेकर असमंजस की स्थिति रही हालांकि, तड़के चार बजे भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के साथ पुजारी-पुरोहितों ने हर्बल गुलाल से होली खेली।

भगवान शिव के परिवार माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय को भी गुलाल अर्पित किया गया। भगवान महाकाल का हरिओम जल से अभिषेक के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया।

नंदी का स्नान, ध्यान और पूजन संपन्न हुआ। भगवान महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला व सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। भांग, फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

परंपरानुसार धुलेंडी पर भस्म आरती में सर्वप्रथम पुजारी-पुरोहितों द्वारा बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित किया गया। इस दौरान नंदी जी को भी गुलाल चढ़ाया गया फिर भक्तों पर भी गुलाल उड़ाया गया।

चंद्र ग्रहण होने के कारण महाकाल मंदिर में भस्म आरती से लेकर शाम को ग्रहण समाप्त होने तक पट बंद नहीं किए जाएंगे।

इस दौरान श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि सुबह भगवान को नियमित भोग नहीं लगाया जाएगा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा, तत्पश्चात ही भगवान को भोग अर्पित किया जाएगा।

केवल शक्कर का भोग अर्पित
श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार चंद्र ग्रहण के कारण पूजा पद्धति में परिवर्तन रहेगा। शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि सायं 6:32 से 6:46 बजे तक रहने वाले 14 मिनट के इस ग्रहण का वेध काल सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा।

वेध काल के कारण सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा। आज चंद्र ग्रहण के कारण पूजा पद्धति में बदलाव रहेगा। सायं 6:32 से 6:46 बजे तक ग्रहण रहेगा और उसका वेध काल सुबह सूर्योदय से प्रारंभ हो जाएगा।

वेध काल के चलते सुबह की दद्योदक एवं भोग आरती में केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान एवं पूजन किया जाएगा।

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