विधायक की धमकी के बाद उपायुक्त निलंबित: लगातार हो रहे अवैध निर्माण को लेकर विधायक ने दी थी धरना देने की चेतावनी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विधानसभा में विधायक के द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर निगम की ओर से उसकी जानकारी भेजी गई, लेकिन त्रुटिपूर्ण जानकारी होने का खुलासा होने के बाद निगम में हड़कंप मच गया। निगमायुक्त ने आनन-फानन में अधीक्षक को निलंबित ओर लिपिक को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद भी विधायक की नाराजगी दूर नहीं हुई और उन्होंने कहा कि निगम उपायुक्त की लापरवाही से भ्रामक जवाब भेजा गया।
इसका जिम्मेदार मानते हुए उपायुक्त को निलंबित किया जाए। अन्यथा वह धरना देंगे। इसके बाद उपायुक्त को भी निलंबित कर दिया गया। इस तरह त्रुटिपूर्ण जवाब भेजने के मामले में निगम के दो अधिकारी निलंबित और एक कर्मचारी बर्खास्त हो गया।
निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते निगम के अधिकतर विभागों में अफसरों की मनमानी से कामकाज हो रहा है। यही वजह है कि विधायक महेंद्र हार्डिया के द्वारा जब विधानसभा में प्रश्न पूछा गया तो उसका जवाब निगम स्थापना विभाग के अधीक्षक हरीश श्रीवास्तव व लिपिक अतुल बाजपेई के द्वारा जवाब तैयार कर शासन को पहुंचाया गया।
बाद में खुलासा हुआ कि भेजी गई जानकारी त्रुटिपूर्ण है। इससे निगम में हड़कंप मच गया। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शासन को त्रुटिपूर्ण व भ्रामक जवाब भेजने के मामले में स्थापना अधीक्षक हरीश श्रीवास्तव को तत्काल निलंबित करने और लिपिक विनियमित अतुल बाजपेई को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए।
इस कार्रवाई की जानकारी विधायक को मिली तो वह इस से संतुष्ट नहीं हुए। विधायक ने निगमायुक्त को दो टूक चेतावनी दी कि शासन को भ्रामक जवाब भेजने के मामले में निगम उपायुक्त शैलेष अवस्थी भी जिम्मेदार है। उनको भी निलंबित किया जाए। अन्यथा वह धरना देकर प्रदर्शन भी करेंगे। विधायक की प्रदर्शन की धमकी के बाद निगम उपायुक्त शैलेष अवस्थी को निलंबित कर दिया।
लापरवाह अधिकारी
विधायक महेंद्र हार्डिया ने बताया कि उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। जबकि निगम उपायुक्त बिल्डिंग परमिशन विभाग भी देखते हैं। इसके चलते उनसे कई बार अवैध निर्माण रोकने की कार्रवाई करने को कहा गया, लेकिन उन्होंने हर बार अनसुनी कर दी।
वहीं जब शासन को विधानसभा प्रश्न की जानकारी भेजने की बात आई तो भी उपायुक्त ने लापरवाही बरती और भ्रामक जबाब पहुंचा दिया। इस तरह के लापरवाही अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। इसके खिलाफ कार्रवाई कर शासन सही निर्णय लिया है।
अधिकारियों को चेतावनी
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सभी विभागों के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वह विधानसभा संबंधी प्रश्न के जवाब भेजने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरते। इससे निगम की साख को दाग लगता है। एक कर्मचारी की लापरवाही से पूरे निगमकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते हैं। इसके लिए प्रत्येक कार्य पूरी निष्ठा के साथ करें। निगमायुक्त ने कहा कि किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि ऐसी गलती दोहराई गई तो संबंधित के खिलफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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