प्रशासन के दावों के बीच नियमों को बता रहे ठेंगा, वीडियो वायरल: खुलासा, पेट्रोल पंप पर कार में रखे ड्रमों में भरा जा रहा डीजल
KHULASA FIRST
संवाददाता
एक ही दिन में 32 हजार लीटर ईंधन भरा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में एक ओर प्रशासन पेट्रोल और डीजल की कमी न होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा नियमों के खुले उल्लंघन के बड़े मामले का खुलासा हुआ है।
रिंग रोड स्थित हंस ट्रेवल्स के पेट्रोल पंप पर बेखौफ होकर सफेद रंग की एक कार (नंबर एमपी 09 झेडडब्ल्यू 2333) के भीतर रखे बड़े ड्रमों में नोजल लगाकर डीजल भरा जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो एक जागरूक नागरिक ने बनाकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि पंप की सेल्सगर्ल कार के अंदर रखे ड्रमों को डीजल से भर रही है। पेट्रोलियम नियमों के अनुसार, इस तरह ड्रमों में ईंधन भरना न केवल प्रतिबंधित है, बल्कि यह किसी बड़े अग्निकांड या जानलेवा हादसे को सीधा आमंत्रण देना है। जब जिम्मेदार अधिकारी ईंधन की निर्बाध आपूर्ति की बात कह रहे हैं, तब इस तरह की गतिविधियों का सामने आना व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह पेट्रोल पंपों पर ड्रमों के माध्यम से ईंधन की निकासी होती रही, तो आम जनता के लिए पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत और मारामारी की स्थिति पैदा होना तय है। प्रशासन को ऐसे गंभीर मामलों में तत्काल संज्ञान लेते हुए पंप संचालक और संबंधित वाहन मालिक पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर लगाम कसी जा सके।
इंदौर में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोग निश्चिंत रहें
युद्ध के कारण फैली अफवाह के कारण पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए लगी लंबी कतारों ने हर किसी को हैरान कर दिया। कल इस मामले में ये तथ्य उभरकर सामने आया कि इंदौर में पेट्रोल-डीजल की कमी कम से कम दो माह तक संभव नहीं है, क्योंकि यहां मुंबई से पाइपलाइन के जरिए सीधे पेट्रोल-डीजल आता है। रोजाना 17 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में भरने वाले पंपों ने कल एक ही दिन में 32 हजार लीटर ईंधन भर दिया और अब भी कोई कमी नहीं है।
प्रशासन, पेट्रोल-पंप एसोसिएशन समेत जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे निश्चिंत रहें। जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। पता चला है कि इंदौर में ईंधन की सप्लाई पाइप लाइन से होती है, जो सीधे मुंबई से मनमाड़ होते हुए मांगलिया डिपो तक आती है।
पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह वासु का कहना है कि बीपीसीएल ने 1998 में मुंबई से मनमाड़ तक 255 किमी लंबी पाइपलाइन शुरू की थी। यह पाइप लाइन मुख्य रूप से मुंबई रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों को निकालने के लिए बिछाई गई थी, ताकि महाराष्ट्र राज्य और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों की मांगों को पूरा किया जा सके।
इसके बाद मुंबई-मनमाड़ पाइप लाइन को 2003 में 358 किमी और बढ़ाकर मांगलिया तक बढ़ाया गया, ताकि मध्य प्रदेश और भारत के उत्तरी हिस्से की मांगों को पूरा किया जा सके। हमारे पास कम से कम 2 माह का स्टॉक रहता है और इसके पूरा होने तक और नया स्टॉक आ जाता है, इसलिए वाहन चालकों को किसी भी तरह से पेनिक होने की आवश्यकता नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें। बहुत पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है। जितनी जरूरत है उतना पेट्रोल-डीजल लें।
इंदौर में प्रतिदिन 17 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत- आमतौर पर इंदौर में प्रतिदिन 17 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में भरा जाता है लेकिन कल 32 हजार लीटर भर दिया गया। आज भी कोई दिक्कत नहीं है। उपलब्धता थी तो ही दे सके।
टैंकर या वैगन पर निर्भर नहीं हैं
वासु ने बताया कि भारत पेट्रोलियम की मुंबई रिफाइनरी से एक पाइप लाइन है, जो मनमाड़ होते हुए मांगलिया तक आती है। यहां बीपीसीएल का एमआरटी डीपो है, जहां पर टर्मिनल है। जो पेट्रोल-डीजल है वह इंदौर को पाइप लाइन से ट्रांसफर होता है भारत पेट्रोलियम में। हम कहीं भी टैंकर या वैगन पर निर्भर नहीं है।
पाइप लाइन से ट्रांसफर है, इसलिए शाॅर्टेज की संभावना ना के बराबर है। कभी भी ऐसे स्थिति नहीं बनने वाली है। ये पाइप लाइन मुंबई से मनमाड़, मनमाड़ से मांगलिया तक आई है, ये करीब 600 से 700 किमी है। ये पूरी अंडरग्राउंड लाइन है।
2003-04 से ये पाइपलाइन भारत पेट्रोलियम में है। जितनी भारत पेट्रोलियम को आवश्यकता होती हैे या कहे कि उनकी जो खपत है 20 जिलों की वह पाइप लाइन से ही होती है। डिपो से इंदौर और आसपास के 20 जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई की जाती है।
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