महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अटका फैसला: 6 महीने से खाली कुर्सी; दावेदारों की लंबी कतार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के बीच महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शहर और ग्रामीण इकाइयों में पिछले करीब 6 महीनों से यह अहम पद खाली है, जबकि दावेदारी करने वाली नेत्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बाकी संगठनों में नियुक्तियां पूरी, महिला कांग्रेस में देरी
प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव के तहत ब्लॉक, वार्ड और जिला स्तर तक नई नियुक्तियां की जा रही हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे अपनी कार्यकारिणी घोषित कर चुके हैं, वहीं जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े भी ग्राम पंचायत, वार्ड और मंडल स्तर पर नियुक्तियां कर चुके हैं।
विभिन्न प्रकोष्ठों और विभागों में भी फेरबदल
इसके अलावा विभिन्न प्रकोष्ठों और विभागों में भी फेरबदल जारी है। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को भंग कर नई टीम बनाई जा रही है, जबकि अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ का शहर अध्यक्ष वीरू झांझोट को बनाया गया है। इन सबके बीच महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद अब भी खाली है, जो संगठन के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई नेत्रियां दावेदारी में, फैसला अटका
शहर और ग्रामीण दोनों इकाइयों में अध्यक्ष पद के लिए कई महिला नेता सक्रिय रूप से दावेदारी कर रही हैं। हालांकि, अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है।
संभावित उम्मीदवारों को लेकर रायशुमारी
बताया जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों को लेकर रायशुमारी पूरी कर ली गई है और पर्यवेक्षक इष्टा भाचावत की रिपोर्ट भोपाल भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक उस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंच रहीं दावेदार
अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नेत्रियां अब स्थानीय नेताओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी सक्रिय हो गई हैं। वे रीना बौरासी सेतिया सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटी हैं।
अभी कोई तेज हलचल नहीं
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी के बाद ही जिला और शहर अध्यक्षों की नियुक्ति पर फैसला होगा। फिलहाल प्रदेश स्तर पर भी इस प्रक्रिया में कोई तेज हलचल नजर नहीं आ रही है।
13 अप्रैल को बड़ा प्रदर्शन, संगठन की परीक्षा
इधर, कांग्रेस 13 अप्रैल को बिजली बिलों में बढ़ोतरी और कटौती के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। शहर के 22 बिजली जोन पर होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक, मंडल और शहर स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इस आयोजन में संगठन की सक्रियता और समन्वय की भी परीक्षा होगी, खासकर तब जब महिला कांग्रेस का नेतृत्व अभी तय नहीं हो पाया है।
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