डेली कॉलेज विवाद: पूर्व मुख्यमंत्री ने राजनीतिक दुरुपयोग पर जताई आपत्ति; बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं डेली कॉलेज, इंदौर के संरक्षक दिग्विजय सिंह ने डेली कॉलेज परिसर के बार-बार उपयोग पर गहरी आपत्ति और कड़ा विरोध दर्ज किया है।
गरिमा एवं स्वतंत्र पहचान को गंभीर क्षति पहुंची
उन्होंने कहा है कि संस्थान के परिसर, नाम और प्रतिष्ठा का उपयोग भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा उनसे जुड़े संगठनों के कार्यक्रमों के लिए किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक है और इससे संस्थान की निष्पक्षता, गरिमा एवं स्वतंत्र पहचान को गंभीर क्षति पहुँची है।
140 वर्षों से अधिक की गौरवशाली परंपरा रही
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि डेली कॉलेज एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था है, जिसकी 140 वर्षों से अधिक की गौरवशाली परंपरा रही है। ऐसी संस्था को किसी भी प्रकार के राजनीतिक या वैचारिक कार्यक्रमों का मंच बनाना पूरी तरह अनुचित है।
संस्थान का उपयोग कार्यक्रमों के लिए किया जा रहा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि हाल के समय में कई अवसरों पर कॉलेज परिसर राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ दिखाई दिया है, जिससे यह धारणा बन रही है कि संस्थान को एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने सितंबर 2025, 4 अक्टूबर 2025, 1 फरवरी 2026 तथा 22 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं अब एक चिंताजनक पैटर्न का रूप ले चुकी हैं।
कांग्रेस का कोई कार्यक्रम नहीं हुआ
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कोई भी कार्यक्रम डेली कॉलेज परिसर में आयोजित नहीं किया गया था, क्योंकि ऐसी संस्थाओं को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना आवश्यक है।
कार्यक्रमों को लेकर किए सवाल
उन्होंने कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मांग की है कि वे तत्काल स्पष्ट करें कि किन परिस्थितियों में ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति दी गई, क्या स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं, तथा क्या इस संबंध में कोई नीति मौजूद है। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा है कि हाल के वर्षों में ऐसे कितने कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
एक स्पष्ट नीति जारी करें
दिग्विजय सिंह ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स एवं संबंधित प्राधिकरणों से मांग की है कि वे तुरंत एक स्पष्ट नीति जारी करें, जिसमें कॉलेज परिसर को किसी भी राजनीतिक या वैचारिक कार्यक्रम के लिए उपयोग करने पर प्रतिबंध हो।
संस्थान की साख को और नुकसान पहुंचेगा
साथ ही, इस प्रकार की घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और संस्थान की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष छवि को पुनर्स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चुप्पी या टालमटोल से स्थिति और गंभीर होगी तथा संस्थान की साख को और नुकसान पहुंचेगा।
राजनीतिक उपयोग से दूर रखा जाना चाहिए
अंत में उन्होंने कहा कि डेली कॉलेज की गरिमा, निष्पक्षता और स्वतंत्र पहचान की रक्षा करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है और इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक उपयोग से दूर रखा जाना चाहिए।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!