डेली कॉलेज सोसायटी का कड़ा रुख: ओडीए गुट के कृत्य को बताया दबावपूर्ण; कहा- यह बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर हमला
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर स्थित डेली कॉलेज सोसायटी ने ओडीए (ओल्ड डेली कॉलेजियंस एसोसिएशन) के एक विरोधी गुट की हालिया कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए इसे विद्यालय की गरिमा, प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर हमला बताया है।
सोसायटी के अनुसार, गुट के नेता संदीप पारेख ने पूर्व सहमति के बावजूद तय 5 प्रतिनिधियों की जगह लगभग 50 लोगों के साथ स्कूल परिसर में प्रवेश किया। इसे सोसायटी ने सहमति का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि सुनियोजित दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है।
सोसायटी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह घटना उस समय हुई जब विद्यालय में छोटे बच्चे और छात्र मौजूद थे, जिससे उनकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। साथ ही, इस तरह की गतिविधि ने विद्यार्थियों के निर्बाध और सुरक्षित शिक्षा के अधिकार को भी प्रभावित किया है।
सोसायटी ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक परिसर किसी भी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन या दबाव की राजनीति का मंच नहीं हो सकता। सीमित प्रतिनिधिमंडल की सहमति के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का प्रवेश संवाद का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रशासन को प्रभावित करने का प्रयास है, जो पूरी तरह अनुचित है।
बयान में इस घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा गया कि देश में शायद ही कभी किसी एलुमनी संगठन द्वारा अपने ही संस्थान के परिसर में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न की गई हो। एलुमनी की भूमिका संस्था को मजबूत करना होती है, न कि उसे अस्थिर करना।
सोसायटी का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में संख्या बल के जरिए प्रशासन और बोर्ड पर दबाव बनाने की स्पष्ट मंशा दिखाई देती है। यह प्रवृत्ति न केवल संस्थान के सुचारू संचालन के लिए हानिकारक है, बल्कि भविष्य में शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता के लिए भी खतरा बन सकती है।
सोसायटी ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य चल रही वैधानिक प्रक्रियाओं और कानूनी कार्यवाही को प्रभावित करना हो सकता है। एलुमनी मंच का उपयोग यदि दबाव और टकराव के साधन के रूप में किया जाता है, तो यह उसके मूल उद्देश्य के विपरीत है।
सोसायटी ने दो टूक कहा है कि इस प्रकार के व्यवहार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त और त्वरित कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रशासन और कानून-व्यवस्था से भी अपेक्षा जताई गई है कि विद्यालय परिसर को इस तरह के हस्तक्षेप से सुरक्षित रखा जाए।
अंत में सोसायटी ने प्राचार्या, प्रबंधन, शिक्षकों और विशेष रूप से विद्यार्थियों के साथ खड़े रहने का भरोसा जताया। बयान में कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा के अधिकार सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इस पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!