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तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल: 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर पार; कई देशों की बढ़ी चिंता

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मार्च 2026, 1:38 pm
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तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। युद्ध की स्थिति के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है और साल 2022 के बाद पहली बार क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

कच्चे तेल के दाम में लगातार तेजी
इससे दुनिया के कई तेल आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से चढ़ गए। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 25 फीसदी बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी करीब 24 फीसदी की तेजी के साथ 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इसके अलावा मुर्बान क्रूड की कीमत लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, वहीं प्राकृतिक गैस के दाम में भी करीब 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

2022 के बाद क्रूड ऑयल हुआ इतना महंगा
अमेरिका में उत्पादित वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत करीब 106.22 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जो पिछले शुक्रवार को 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई थी। इससे पहले अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 30 जून 2022 को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची थी।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से आया उछाल
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और तेल आपूर्ति पर मंडराते खतरे के कारण आया है। इस संघर्ष के दौरान कई तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही कुवैत और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों की ओर से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

इसके अलावा दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की आवाजाही वाले प्रमुख समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस रास्ते के प्रभावित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

बढ़ती कीमतों का असर कई देशों में दिख रहा
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर कई देशों में दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। वहां पेट्रोल की कीमत करीब 336 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल 321 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

वहीं बांग्लादेश में भी स्थिति गंभीर होती जा रही है और सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर राशनिंग सिस्टम लागू कर दिया है।

देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल
भारत की बात करें तो सरकार का कहना है कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। हालांकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है।

ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका असर देश की महंगाई और आयात बिल पर पड़ सकता है।

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