कमर्शियल गैस सिलेंडर का संकट बरकरार: रेस्टोरेंट बंद होने लगे; दूध, नमकीन व मिठाइयों का कारोबार भी हो रहा प्रभावित
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक ओर जहां एलपीजी की स्थिति सामान्य हो गई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर का संकट बरकरार है। स्थिति ये है कि होटल-रेस्टोरेंट आदि बंद होने लगे हैं। दुकानदारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।
अनेक जगह तो लंच-डिनर बंद कर दिए गए हैं या इंडक्शन, बिजली-कोयले की सिगड़ी का प्रयोग शुरू हो गया है, हालांकि कोयले के रेट भी बढ़ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका व इजराइल के ईरान से हो रहे युद्ध के कारण ये गैस संकट पैदा हुआ है। खाद्य विभाग की मशक्कत से एलपीजी की स्थिति तो सामान्य हो गई है और अब सिलेंडर एक-दो दिन देरी से सही, लेकिन मिलने लगे हैं।
विभाग ने दावा किया है कि वो दस दिन में 3.63 लाख सिलेंडर वितरित करवा चुका है, जबकि इस अवधि में डिमांड अधिकतम 2.50 लाख सिलेंडरों की ही रहती है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर होटलों-रेस्टॉरेंटों पर पड़ रहा है।
इंदौर में अंदाजन करीब 18 लाख लोग घर से बाहर नाश्ता-भोजन करते हैं, जिनके लिए संकट खड़ा हो रहा है। सराफा चौपाटी, छप्पन दुकान पर असर नजर आ रहा है।
दूध, नमकीन व मिठाइयों का कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। छप्पन दुकान पर फास्ट फूड काउंटर चल रहे हैं। गर्म खाना सर्व करने वाले काउंटर आइटम सीमित होने से खाली होने लगे हैं।
प्रशासन के सहयोग से पीएनजी कनेक्शन मिल रहे...एसोसिएशन के गुंजन शर्मा का कहना है कि प्रशासन के सहयोग से पीएनजी कनेक्शन मिल रहे हैं। एक सप्ताह में सभी 20 फूड काउंटर पर यह उपलब्ध होंगे। इससे परेशानी दूर हो जाएगी। वर्तमान में इंडक्शन व अन्य विकल्प से काम चला रहे हैं।
आगामी दिनों में भी सप्लाय सुचारू नहीं हुई तो कचोरी, समोसे, चाय, पोहे, जलेबी, रोजाना खाने के आयटम्स की दुकानें भी प्रभावित होने लगेंगी। अन्य व्यापारियों का कहना है कि होटल-रेस्टोरेंट और खान-पान की दुकानें स्टॉक से काम चला रहे थे,
लेकिन अब वो भी बंदी के कगार पर हैं। सैकड़ों संस्थानों ने मीनू बदल दिया है तो किसी ने लंच और किसी ने डिनर बंद कर दिया है। कई वस्तुओं को तत्काल गर्म करके ग्राहकों को देना पड़ता है। इंडक्शन पर आधे घंटे तक का वक्त लग जाता है।
3200 की जगह 700 सिलेंडर तक सिमटी सप्लाय...शहर में 3200 कमर्शियल सिलेंडर रोजाना लगते थे, जो अब सिमटकर 700 रह गए हैं। पीएनजी वाले होटल-रेस्टारेंट भी हांफ रहे हैं, क्योंकि महंगे पड़ रहे हैं। अब व्यापारी कह रहे हैं कि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में पर्यटन उद्योग प्रभावित हो जाएगा।
सराफा चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता का कहना है कि 5 दुकानें बंद हो गई हैं, क्योंकि गैस उपलब्ध नहीं है। जिनके पास स्टॉक है वो दुकान लगा रहे हैं, लेकिन वो भी ज्यादा दिन की नहीं हैं। कैफे संचालकों का कहना है एलपीजी सिलेंडर जरूरी है, इसके बिना कई आइटम मैन्यू से हटाना पड़े, क्योंकि इंडक्शन पर तत्काल बनाकर देना आसान नहीं है।
कोटा बढ़ेगा तो उपलब्ध कराएंगे... कमर्शियल सिलेंडर को लेकर केंद्र से कोटा बढ़ाने के निर्देश मिलेंगे वैसे ही उपलब्धता कराएंगे। इस सप्ताह सुधार होगा। - एमएल मारू, खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
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