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चेक पोस्ट बहाली पर विवाद: हाईकोर्ट को क्या बताएगी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन; अवैध वसूली को लेकर किसका उदाहरण, रिट अपील दायर करने की तैयारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 अप्रैल 2026, 12:17 pm
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चेक पोस्ट बहाली पर विवाद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश में चेक पोस्ट दोबारा शुरू करने के आदेश के खिलाफ ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कानूनी लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच के आदेश के खिलाफ ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन डबल बेंच में रिट अपील दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

30 दिनों के भीतर चेक पोस्ट फिर से शुरू करने के निर्देश
दरअसल, जस्टिस विशाल मिश्रा ने 22 अप्रैल को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर चेक पोस्ट फिर से शुरू करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने भारी वाहनों की जांच और सड़क हादसों की रोकथाम के लिए चेक पोस्ट को जरूरी बताया है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन फैसले से सहमत नहीं
हालांकि, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन इस फैसले से सहमत नहीं है। संगठनों का कहना है कि चेक पोस्ट वर्षों से अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के अड्डे बने हुए थे, जिसके चलते राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2024 को इन्हें बंद किया था।

रिट अपील में भ्रष्टाचार के आरोप होंगे मुख्य आधार
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि रिट अपील में चेक पोस्ट पर होने वाली अवैध वसूली, भ्रष्टाचार और इससे जुड़े मामलों को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। इसमें खास तौर पर चर्चित सौरभ शर्मा केस को भी शामिल किया जाएगा।

कॉन्स्टेबल स्तर का कर्मचारी भी करोड़ों की संपत्ति बना लेता है
दलील दी जाएगी कि चेक पोस्ट पर इतनी बड़ी स्तर पर वसूली होती रही है कि एक कॉन्स्टेबल स्तर का कर्मचारी भी करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर सकता है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई में सौरभ शर्मा के पास से भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी मिलने का मामला इसका उदाहरण बताया जाएगा।

चेक पोस्ट से अवैध वसूली
जानकारी के अनुसार मुख्य रूप से सेवानिवृत्त परिवहन कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद मिली 50 किलो सोना, ढाई सौ किलो चांदी और करोड़ों की संपत्ति को आधार बनाने के साथ ही यह पक्ष रखा जाएगा कि चेक पोस्ट से अवैध वसूली होती है। इसके अलावा, चेक पोस्ट पर कथित वसूली के वायरल वीडियो भी सबूत के तौर पर पेश किए जाने की तैयारी है।

केंद्रीय मंत्री का पत्र भी बनेगा अहम आधार
एसोसिएशन ने बताया कि वे नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश में चेक पोस्ट से जुड़ी अवैध वसूली को लेकर लिखे गए पत्र को भी अपील में शामिल करेंगे। इस पत्र में सुगम परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई थी।

तकनीक से हो सकता है समाधान: एसोसिएशन
संगठन के पदाधिकारियों सी.एल. मुकाती, अमरजीत सिंह बग्गा, राजेंद्र सिंह त्रेहन, विजय कालरा, राकेश तिवारी, कपिल शर्मा और हरीश डावर का कहना है कि अब केंद्र सरकार द्वारा टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक वेटिंग सिस्टम और ओवरलोडिंग पर चार गुना जुर्माने जैसे प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। ऐसे में तकनीक के जरिए निगरानी संभव है, तो चेक पोस्ट जैसे विवादित तंत्र को दोबारा शुरू करने का औचित्य नहीं है।

सरकार ने कहा- आदेश का करेंगे अध्ययन
हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि आदेश का विस्तृत अध्ययन कर विधि विशेषज्ञों की राय ली जाएगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

क्या है सौरभ शर्मा मामला?
मध्यप्रदेश के चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा और उनके परिजनों सहित 12 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत आरोप तय कर चुकी है। आरोप है कि महज कुछ वर्षों की नौकरी में उन्होंने सैकड़ों करोड़ की संपत्ति अर्जित की।

जांच में एक लावारिस कार से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ था, जबकि विदेशों में संपत्ति होने के भी संकेत मिले हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

फिलहाल, इस मुद्दे पर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है, जहां एक ओर अदालत सुरक्षा के मद्देनजर चेक पोस्ट को जरूरी मान रही है, वहीं ट्रांसपोर्ट संगठन भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर इसका विरोध कर रहे हैं।

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