दूषित पानी कांड: 36 मौतों के मामले में सिस्टम की लापरवाही का खुलासा; जांच आयोग ने बताई कई गंभीर खामियां
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 36 लोगों की मौत के मामले में सामने आई न्यायिक जांच रिपोर्ट ने जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुशील गुप्ता की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि क्षेत्र के लोगों तक ऐसा पानी पहुंच रहा था, जो पीने योग्य नहीं था।
इनको बताया प्रमुख वजह
आयोग ने इसे ऐसी त्रासदी नहीं माना, जिसे टाला न जा सकता हो। रिपोर्ट में पानी और सीवरेज व्यवस्था की निगरानी में कमी, प्रशासनिक लापरवाही और विभिन्न स्तरों पर हुई चूकों को हालात बिगड़ने की प्रमुख वजह बताया गया है।
टेंडर प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड शामिल
करीब 600 पेज की रिपोर्ट में मुख्य जांच रिपोर्ट लगभग 150 पेज की है। शेष दस्तावेजों में मरीजों के उपचार से जुड़े रिकॉर्ड, बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, नगर निगम की पाइपलाइन से संबंधित दस्तावेज और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
2019 की चेतावनी के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई
आयोग ने 8 फरवरी 2019 की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है। इसमें भागीरथपुरा के 60 ट्यूबवेल और हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई थी। रिपोर्ट में ऐसे पानी से स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका जताते हुए उचित क्लोरीनेशन के बाद ही पानी के उपयोग की सलाह दी गई थी।
प्रभावी कदम उठाए जाने का पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं मिला
जांच आयोग के अनुसार इस चेतावनी के बाद तत्कालीन निगम आयुक्त और अपर आयुक्त के स्तर पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने का पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं मिला। आयोग ने माना कि यदि उस समय ठोस कार्रवाई की जाती तो बाद में पैदा हुए हालात को नियंत्रित किया जा सकता था।
पानी-सीवर नेटवर्क में भी सामने आई तकनीकी कमियां
रिपोर्ट में पेयजल और सीवरेज नेटवर्क की डिजाइन, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। आयोग ने पानी और सीवर पाइपलाइनों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखने और क्रॉसिंग वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने की जरूरत बताई है।
इसके अलावा सीवर लाइन को जहां संभव हो, पेयजल लाइन से नीचे रखने, गलत कनेक्शन रोकने, बैकफ्लो और लीकेज की नियमित निगरानी करने तथा पानी के प्रेशर और गुणवत्ता की लगातार जांच किए जाने पर जोर दिया गया है।
टेंडर प्रक्रिया में देरी पर भी उठे सवाल
भागीरथपुरा में संबंधित काम की टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी को भी आयोग ने गंभीरता से लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 को अपर कमिश्नर रोहित सिसोनिया के स्तर पर चर्चा हुई। इसके बाद 18 दिसंबर को संजीव श्रीवास्तव के साथ चर्चा और 26 दिसंबर को वित्तीय बोली खोले जाने की प्रक्रिया हुई।
फाइलें विभिन्न स्तरों पर लंबित रहीं
आयोग ने माना कि टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी टाली जा सकती थी और फाइलें विभिन्न स्तरों पर लंबित रहीं। रिपोर्ट में कार्यकारी इंजीनियर संजीव कुमार श्रीवास्तव, सहायक अभियंता सरताज कुमार प्रजापति, उप अभियंता सम्यक जैन, प्रभारी तकनीकी अधिकारी रोहित राय, टेंडर उप अभियंता श्वेता सिंह और टेंडर क्लर्क प्रज्ञा तिवारी सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
निवास बागरी और शरद सोनी की जिम्मेदारी पर भी रिपोर्ट में चर्चा की गई है। एक स्थान पर तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर भव्या मित्तल की जिम्मेदारी तय किए जाने का भी उल्लेख है।
टेंडर समिति की भूमिका की जांच की जरूरत
आयोग ने टेंडर के अलग-अलग चरणों में हुई देरी को भी टाला जा सकने वाला माना है। समिति स्तर पर फाइलों की प्रोसेसिंग में देरी की जांच किए जाने की जरूरत बताई गई है। टेंडर समिति में संजीव कुमार श्रीवास्तव, श्रीकांत कांटे, देवधर दरवाई और अभय राजनगांवकर शामिल थे।
आयोग ने यह स्पष्ट करने की जरूरत बताई कि देरी किस स्तर पर हुई, कितने समय तक हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
निगम आयुक्त और पूर्व निगम आयुक्त को जिम्मेदार नहीं माना
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन निगम आयुक्त शिवम वर्मा को इस मामले में जिम्मेदार नहीं माना गया है। आयोग के अनुसार उपलब्ध रिकॉर्ड में उनके स्तर पर ऐसी कोई विशेष चूक सामने नहीं आई, जिसके आधार पर उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सके। पूर्व निगम आयुक्त प्रतिभा पाल को भी आयोग ने जिम्मेदार नहीं माना है।
सुरक्षित पानी के लिए नियमित निगरानी पर जोर
आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेयजल व्यवस्था की नियमित गुणवत्ता जांच, पाइपलाइन नेटवर्क के निरीक्षण और समय पर रखरखाव की जरूरत बताई है। लीकेज, कम पानी का दबाव, गंदगी, अवैध कनेक्शन और पाइपलाइन में खराबी जैसी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जल आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी जरूरी है।
संबंधित समाचार

इंदौर पुलिस में बड़ा फेरबदल:14 निरीक्षकों के तबादले; कई थानों में हुए बदलाव

काम के दौरान हादसा:14 साल के बाल मजदूर की करंट से मौत; ठेकेदार पर केस दर्ज

होटलों में फर्जी पहचान से रुकना होगा मुश्किल:अब इस ऐप से होगी डिजिटल चेकिंग; बारकोड स्कैन करते ही खुलेगी कुंडली

अंधाधुंध बोरिंग पर MP हाई कोर्ट सख्त:शासन और निगम से मांगा जवाब; जल संकट और गिरते भू-जल स्तर पर जताई चिंता

इंदौर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल:350 करोड़ के अस्पताल में MRI-CT स्कैन की सुविधा नहीं; जांच के लिए दूसरे हॉस्पिटल जाने को मजबूर मरीज

वीडियो देखिये, आबकारी विभाग की कार्रवाई:150 पाव अवैध शराब जब्त; आरोपी गिरफ्तार

वीडियो देखिये, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में चार आरोपी इस दिन तक पुलिस हिरासत में:मुंबई की किला कोर्ट में पेश किए गए; अनिल पंडित की भूमिका की जांच

बिजली कंपनियों के कुप्रबंधन से जनता त्रस्त

IND vs NZ 1st T20:भारत ने रिकॉर्ड चेज कर न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया; सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त, ये खिलाड़ी रहे मैच के हीरो

सफाई में लापरवाही पर निगमायुक्त सख्त:कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

क्या वाकई कमजोर हो रहा है ‘नशासुर’:विजयादशमी पर नेताओं ने दिया नशा मुक्ति का संदेश; तो उधर क्राइम ब्रांच ने त्योहार पर पकड़ी 25.40 लाख की ड्रग्स

वीडियो देखिये, पानी बचाने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अपील:मालवा-निमाड़ में कम बारिश से गर्मी में बढ़ सकता है जल संकट; RO के वेस्टेज पानी के दोबारा इस्तेमाल का तरीका भी बताया

सुप्रीम कोर्ट का आदेश सख्त:ओवरलोडिंग पर कार्रवाई कितनी प्रभावी

पत्रकार को हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की दी धमकी:कथित फर्जी पुलिस कॉल से बुलाने का आरोप; थाने पर की गयी शिकायत

अवैध कफ सिरप नेटवर्क का खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार; 10.35 लाख का मशरूका जब्त

भ्रष्ट पुलिसवाले का लाइन में सालों तक डेरा:कथित कारोबार का साम्राज्य आखिर कैसे

वीडियो देखिये, दिग्विजय की यात्रा पर फरमान से कांग्रेस में घमासान:इस नेता ने मुकेश नायक को बताया भाजपा का स्लीपर सेल; बोले- कांग्रेस में बने रहने का कोई औचित्य नहीं, जीतू पटवारी की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

हजारों भक्तों ने ली महाप्रसादी:नवमी से शुरू हुआ महाभंडारा दशहरे तक चला

कन्या भोज के बहाने बच्चियों को फ्लैट में रोककर मारपीट करने का आरोप:रिटायर्ड शिक्षिका ने कहा- आरोप गलत

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसा:हाईटेंशन तार ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिरा; करंट से 2 युवकों की मौत, 6 घायल
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!