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निगम के नियमों को ठेंगा दिखाकर गीता भवन मंदिर में हो रहा निर्माण: निगम अफसरों और नेताओं से मिलीभगत कर ट्रस्टी कर रहे मनमानी

KHULASA FIRST

संवाददाता

25 मार्च 2026, 6:00 pm
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निगम के नियमों को ठेंगा दिखाकर गीता भवन मंदिर में हो रहा निर्माण

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
धर्म और आस्था का केद्र बने शहर के ख्यात गीता भवन मंदिर में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने मनमानी शुरु कर दी है। इसके चलते नगर निगम से अनुमति लिए बिना ही मंदिर परिसर में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी तरह हॉस्पिटल की पार्किंग व्यवस्था को भी ग्रहण लग गया है। गीता भवन ट्रस्टियों की इस मनमानी से आमजन की परेशानी बढ़ गई है।

नगर निगम जोन 11 में निगम के बिल्डिग अफसरो की मेहरबानी और गीता भवन ट्रस्टियों की मनमानी से गीताभवन मंदिर परिसर में मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। महीनो से जारी इस निर्माण कार्य के लिए गीताभवन ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली है।

इस तरह निगम के दायरे में आने वाला गीताभवन मंदिर ट्रस्टियों की मनमानी का गढ़ बन गया है। बताया जाता है कि यहां ट्रस्टियों द्वारा नियमो को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिससे रहवासी परेशान हो रहे है। लेकिन इस निर्माण को लेकर अब तक निगम ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है।

गीताभवन मदिर में जारी निर्माण को लेकर जब जोन 11 के भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक से जानकारी लेनी चाही तो वह कहने लगे कि मंदिर में होने वाले निर्माण की उनको कोई जानकारी नहीं है। जब कि मंदिर में महीनो से निर्माण कार्य जारी है। यही नहीं जोन क्षेत्र में होने वाले निर्माणो की जानकारी भवन निरीक्षक को होनी चाहिए।

लेकिन भवन निरीक्षक की लापरवाही निर्माणकर्ताओ के हौसले बढ़ा रही है। बताया जाता है कि ट्रस्टियों द्वारा गीता भवन मंदिर परिसर में किए जाने वाले नए निर्माण से गीताभवन की पहचान लुप्त होने लगी है। जब कि गीता भवन की पहचान यहां स्थित मंदिरों से है। लेकिन ट्रस्टी मनमानी कर उनको ही हटाने पर आमादा है।

इससे गीताभवन धीरे-धीरे अपनी पहचान खोने की कगार पर पहुंच गया है। ट्रस्टियों द्वारा बिना निगम को सूचित करें। नया निर्माण किया जा रहा है जिससे निगम अफसरो की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गया है।

मिलीभगत- गीता भवन मंदिर का संचालन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। इसके चलते ट्रस्टियों के प्रशासन, निगम के अफसरो से संपर्क है। यही नहीं राजनेताओ के बीच पैठ होने के दावे भी किए जा रहे है। इसके चलते ही गीताभवन ट्रस्टियों ने मनमानी करते हुए मंदिर परिसर में निर्माण शुरु कर दिया और इसके लिए निगम से अनुमति ली जाना जरुरी नहीं समझा है। ट्रस्टियों की मनमानी का खुलासा होने के बाद निगम के जिम्मेदार अफसर कहने लगे है कि उनको जानकारी नही है कि निर्माण हो रहा हे। जब कि महीनो से हो रहे निर्माण कार्य की वजह से रहवासी परेशान हो रहे है।

पार्किंग में ओपीडी
ट्रस्ट द्वारा नियमों को ताक में रखकर अस्पताल के कैंपस में बदलाव किया गया है, जिससे पार्किंग की जगह पर ओपीडी चल रही है। इससे अस्पताल में पहुंचने वालों के वाहन सडक़ो पर खड़े हो रहे हैं। इसकी शिकायतें कलेक्टर और निगमायुक्त से की गई। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की मनमानी से परेशान रहवासियों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं।

रिनोवेशन- मंदिर में हो रहे निर्माण के संबंध में ट्रस्ट अध्यक्ष राम एरन से जानकारी ली, तो उन्होंने बताया कि परिसर में बना ध्यान कक्ष जर्जर हो गया था। शिव मंदिर भी जर्जर था। उनको तोड़कर नया कर रहे हैं। निगम जोन 11 के बिल्डिंग अधिकारियों का कहना है कि गीता भवन मंदिर में किए जाने वाले निर्माण को लेकर किसी तरह का कोई आवेदन नहीं दिया गया है। इस तरह निर्माण कर्ता और निगम अफसरों के मिलीभगत की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं।

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