गुंडे के गले में फंसी गोली से साजिश का खुलासा: दुर्घटना निकली हत्या
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बदमाशों ने हत्या को दुर्घटना का बताने साजिश रची, लेकिन एक गोली ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। शनिवार को सड़क किनारे मिला शव पहले एक्सीडेंट लगा, पर पोस्टमार्टम में गले में फंसी गोली ने राज खोल दिया।
अब पुलिस को इस हत्याकांड में रंजिश, गैंगवार व सुपारी किलिंग के एंगल पर जांच करते हुए पूर्व के केस पार्टनर की तलाश में है।
राऊ इलाके के रंगवासा रोड पर शनिवार देर रात एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सोमवार को मृतक की पहचान नवीन गोपाल पाटीदार नयापुरा, रंगवासा के रूप में हुई। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानते हुए शव जिला अस्पताल भिजवा दिया, लेकिन अगले दिन मामला पलट गया।
डॉक्टरों को संदेह होने पर शव को एमवाय भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा हुआ नवीन के गले में गोली फंसी हुई थी। इससे साफ हो गया कि यह एक्सीडेंट नहीं, हत्या है। कल पुलिस ने उसकी पत्नी से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि नवीन पाटीदार उज्जैन का हिस्ट्रीशीटर है।
उस पर दो हत्या सहित आधा दर्जन से ज्यादा केस हैं। वह 2023 में इंदौर में रहने लगा था। हालांकि, इस बीच वह उज्जैन आता-जाता रहता था, लेकिन उसकी उज्जैन निवासी अपने केस पार्टनर राहुल मराठा से रंजिश चल रही थी। पुलिस को जैसे ही राहुल का मोबाइल नंबर मिला तो लगाने पर बंद आने लगा।
हरकत में आई पुलिस ने उसकी टॉवर लोकेशन निकाली तो लास्ट लोकेशन 12 अप्रैल को गोवा की मिली। हालांकि, सीडीआर की जांच से पुलिस को शंका है कि राहुल ने सुनियोजित साजिश रहते हुए सुपारी देकर हत्या कराई है और खुद गोवा चला गया।
राहुल की गिरफ्तारी पर सब हो जाएगा साफ
डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक शव मिलने के समय शरीर पर कोई गंभीर बाहरी चोट नहीं थी, जिससे मामला हादसा लग रहा था, लेकिन पीएम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। नौ साल पहले उज्जैन में मटन शॉप संचालक मुकेश की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था।
वहीं 11-12 साल पहले सब्जी मंडी इलाके में छात्र भरत की हत्या के मामले में भी वह आरोपी रहा था। यह हत्याकांड रंजिश के चलते हुआ है। उसके परिजन ने उज्जैन के कुख्यात बदमाश राहुल मराठा से दुश्मनी की बात कही है।
वारदात के लिए अस्थायी सिम कार्ड का इस्तेमाल हुआ है, जिसे घटना के बाद बंद कर दिया गया। घटनास्थल के पास एक मोबाइल भी एक्टिव मिला था, जो अब आ रहा है। एक महिला की भूमिका भी संदिग्ध है।
राऊ पुलिस के बुलाने पर वह नहीं आई है। राहुल के बारे में पता करने के लिए एक टीम उज्जैन के माधव नगर थाने भेजी थी।
वहां से उसके घर का पता कर टीम घर गई तो नहीं मिला। उसके साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर टीम को गोवा भेजा जाएगा।
संबंधित समाचार

पीठासीन अधिकारी की जान बचाने वाले जवान सम्मानित:चुनाव ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक

भारतीय किसान संघ ने बिजली की आपूर्ति को लेकर की चर्चा:विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक से की भेंट

व्यापारियों का विवाद बना जानलेवा:मारपीट के बाद बुजुर्ग व्यापारी की मौत; मारे थे लात-घूंसे

लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करके कर्मचारियों को बिंदी-टीका लगाया:हिंदू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!