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जमीन विवाद में सूरज रजक ने एफआईआर के बाद कहा-किया था सौदा

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 5:18 pm
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जमीन विवाद में सूरज रजक ने एफआईआर के बाद कहा-किया था सौदा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। रेमन कक्कड़ ने शराब कारोबारी और क्रिकेट टीम के मालिक सूरज रजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

इसमें रेमन ने आरोप लगाया कि सूरज ने उनकी जमीन पर अनधिकृत कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, सूरज रजक ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि जमीन को 50 लाख रुपए सालाना किराए पर देने की पूरे परिवार ने मौखिक सहमति दी थी। सूरज ने कहा कि रेमन के परिवार ने उन्हें जमीन पर काम करने की मंजूरी दी, और यदि ऐसा नहीं होता तो वे काम शुरू ही नहीं करते।

सूरज ने मीडिया को बताया कि मुझ पर एफआईआर दर्ज कराने से पहले उनका पक्ष किसी ने नहीं जाना। उनका कहना है कि रेमन और उनका परिवार पहले ही जमीन को लेकर कई लोगों के साथ सौदे कर चुके हैं और कई करोड़ रुपए हड़प चुके हैं।

सूरज के अनुसार, रेमन के भाई बंटी सलूजा ने उन्हें खुद जमीन दिखाने के लिए बुलाया और नक्शा तैयार करने को कहा। नक्शा तैयार होने के बाद उन्होंने उसे परिवार को भेजा और काम शुरू किया। सूरज का कहना है कि एफआईआर तभी दर्ज करवाई गई, जब रेमन और उनके परिवार के बीच आपसी विवाद और पुराने सौदों के चलते उनका पक्ष बदल गया।

सूरज ने आरोप लगाया कि रेमन ने जमीन पर उनके काम को रोकने के लिए एफआईआर करवाई। उनका कहना है कि यदि रेमन की सहमति नहीं थी, तो वह वहां काम नहीं करते।

रेमन कक्कड़ का पक्ष
वहीं, रेमन कक्कड़ ने सूरज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूरज ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा किया और निर्माण कार्य शुरू कर दिया, जबकि जमीन पर उनके और परिवार के अधिकार हैं। रेमन ने कहा कि सूरज का दावा कि पूरे परिवार ने सहमति दी थी, सत्य नहीं है।

रेमन के परिवार का कहना है कि सूरज ने उनके पुराने विवादित सौदे और जमीन के मामलों का फायदा उठाकर काम शुरू किया। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने के समय सूरज ने परिवार को गुमराह करने की कोशिश की।

पुराने विवाद और कोर्ट केस का मामला
सूरज ने मीडिया को बताया कि इस जमीन को लेकर कोर्ट केस पहले से चल रहे हैं, जिसमें से दो-तीन मामलों में दूसरी पार्टी ने मुकादमा जीत चुकी है और कुछ मामलों का निर्णय अभी लंबित है। सूरज का कहना है कि नगर निगम की ओर से जमीन पर कुर्की का बोर्ड भी लगा हुआ है, और जमीन का टैक्स अभी तक नहीं भरा गया।

रेमन का पक्ष है कि जमीन पर किसी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण कानूनन मंजूर नहीं था। दोनों पक्ष अब अपने-अपने आरोपों के साथ पुलिस और कोर्ट की प्रक्रिया में शामिल हैं। इधर पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

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