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किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय घेरा: जीतू पटवारी के आह्वान पर प्रदर्शन; बोनस, मुआवजा और कर्ज को लेकर उठे सवाल

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 अप्रैल 2026, 4:22 pm
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किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुरुवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर इंदौर में जिला कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर विरोध जताया।

किसानों के साथ छलावा - प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार किसानों के साथ छलावा कर रही है। पहले गेहूं खरीदी की तारीखें बढ़ाई गईं और बाद में कर्ज न चुकाने पर किसानों को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया। किसानों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ डाला जा रहा है, जबकि प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की अनदेखी की जा रही है।

2700 रुपए का वादा, 40 रुपए का बोनस- कांग्रेस ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल 40 रुपए बोनस देकर किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। पड़ोसी राज्य राजस्थान में 150 रुपए बोनस दिए जाने का हवाला देते हुए इसे किसानों के साथ भेदभाव बताया गया।

खरीदी में देरी और बिचौलियों को फायदा- सरकार पर आरोप लगाया गया कि गेहूं खरीदी की तारीखें बार-बार बढ़ाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। कई जगह स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जिससे किसानों को मजबूरी में अपनी उपज कम दामों पर बेचना पड़ रहा है।

बारदाने की कमी पर सवाल- कांग्रेस ने बारदाने की कमी को लेकर सरकार के तर्कों को हास्यास्पद बताया। कहा गया कि देश जूट उत्पादन में अग्रणी है, फिर भी समय पर पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे खरीदी व्यवस्था प्रभावित हुई।

सहकारी संस्थाओं द्वारा ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 मार्च तय होने से बड़ी संख्या में किसान डिफाल्टर हो गए। कांग्रेस ने मांग की कि इस तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

इंदौर जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि और आगजनी से फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन अब तक किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही बीमा राशि। कांग्रेस ने तत्काल राहत देने की मांग उठाई।

बरलाई शकर कारखाना के मुआवजे का मुद्दा उठाया
बरलाई स्थित शकर कारखाने की जमीन उद्योगपतियों को दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने मांग की कि शेयरधारक किसानों को उनके हिस्से का उचित मुआवजा दिया जाए।

किसानों के हक की लड़ाई लड़ेंगे
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी किसानों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ती रहेगी और सरकार को किसानों के हित में फैसले लेने के लिए मजबूर करेगी।

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