खबर
Top News

कांग्रेस स्पष्ट करे देशभक्तों के साथ है या देशद्रोहियों के: ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर महापौर का हमला; बोले-राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक के लिए अनिवार्य होना चाहिए

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 12:46 pm
168 views
शेयर करें:
कांग्रेस स्पष्ट करे देशभक्तों के साथ है या देशद्रोहियों के

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहे विवाद पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक के लिए अनिवार्य होना चाहिए।

“कांग्रेस स्पष्ट करे—देशभक्तों के साथ है या देशद्रोहियों के”
महापौर भार्गव ने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया - “कांग्रेस बताए कि वह देशभक्तों के साथ खड़ी है या देशद्रोहियों के?”

“धर्म से ऊपर देश, राष्ट्र सम्मान सबसे जरूरी”
पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि किसी भी धर्म या पंथ से ऊपर देश होता है। राष्ट्र के सम्मान से जुड़े गीत, प्रतीक और स्मारकों का आदर करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रगीत गाना या न गाना व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, लेकिन उसका अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है।”

कांग्रेस से कार्रवाई की मांग
महापौर ने कांग्रेस पार्टी से मांग की कि इस मामले में संबंधित पार्षदों को नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस कार्यालयों में जब ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता है, तो क्या वहां भी ऐसे नेता शामिल नहीं होते?

“सदन में ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं”
भार्गव ने ‘वंदे मातरम्’ को देश का “सर्वोच्च गान” बताते हुए कहा कि नगर निगम जैसे मंच पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्षद द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।

देर से आने के आरोप
महापौर ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पार्षद जानबूझकर नगर निगम की बैठकों में देर से पहुंचती हैं, ताकि राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन में शामिल न होना पड़े।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!