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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का हमला: परिसीमन नहीं, तुरंत लागू हो 33% भागीदारी; लागू प्रक्रिया को टालने की कोशिश का आरोप

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 अप्रैल 2026, 11:30 am
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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का हमला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को अधिकार देने में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी का आरोप है कि महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से जोड़कर उसकी लागू प्रक्रिया को टालने की कोशिश की जा रही है, जबकि इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने आज एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का इतिहास पार्टी के संघर्ष से जुड़ा रहा है। 1996 में पहली बार यह विधेयक पेश किया गया और इसके बाद 1998, 1999 और 2003 में भी लगातार प्रयास हुए। वर्ष 2010 में कांग्रेस सरकार ने इसे राज्यसभा से पारित कराकर महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया था।

पार्टी का कहना है कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर कांग्रेस ने बिना किसी राजनीतिक विरोध के इसका समर्थन किया, लेकिन अब इसे परिसीमन से जोड़ना महिलाओं को तत्काल प्रतिनिधित्व से वंचित करने जैसा है। कांग्रेस के अनुसार, यदि सरकार की मंशा साफ होती तो वर्तमान व्यवस्था में ही इसे लागू कर करीब 33 प्रतिशत महिला सांसदों को तुरंत अवसर दिया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जो सांसद संशोधन की बात कर रहे थे, वे ही सदन में उपस्थित नहीं थे। इसे कांग्रेस ने “दिखावे की राजनीति” करार दिया। मध्य प्रदेश के संदर्भ में कांग्रेस ने कहा कि इंदौर जैसे बड़े शहर से राज्य मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री को स्थान नहीं दिया जाना महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सवाल खड़ा करता है।

इसके साथ ही कांग्रेस ने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर विफल रहने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

रीना ने कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि देश की पहली महिला पार्टी अध्यक्ष एनी बेसेन्ट, पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी, पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पहली महिला लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार कांग्रेस से जुड़ी रही हैं। उन्होंने मांग दोहराई कि महिला आरक्षण बिना किसी देरी के लागू किया जाए, इसे परिसीमन से न जोड़ा जाए और महिलाओं को तत्काल उनका अधिकार दिया जाए।

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