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कांग्रेस पार्षद को सदन से बाहर जाने के निर्देश: ‘वंदे मातरम’ विवाद के बीच हंगामा; सदन में जय श्री राम के जयकारे

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 अप्रैल 2026, 1:29 pm
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कांग्रेस पार्षद को सदन से बाहर जाने के निर्देश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में एक बार फिर हंगामे की स्थिति बन गई। ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद के बीच सभापति मुन्नालाल यादव ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने के निर्देश दे दिए। हालांकि उन्होंने शुरुआत में इसका विरोध किया, लेकिन बाद में उन्हें सदन से बाहर जाना पड़ा। भाजपा पार्षदों ने जयश्री राम के जयकारे लगाए।

‘वंदे मातरम’ पर आपत्ति से बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर फौजिया शेख ने आपत्ति जताई थी। इस पर सभापति ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें सदन से बाहर जाने के लिए कहा।

वंदे मातरम गाने से किया इनकार
सत्र के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। इससे भाजपा पार्षद आक्रोशित हो गए। वे सभापति के पास पहुंच गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

इस्लाम ऐसा करने की अनुमति नहीं देता
सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने को कह दिया, लेकिन फौजिया ने जवाब में कहा कि मुझे एक्ट दिखाइये कि किस एक्ट में गाना जरूरी है, ये लिखा है। हालांकि कुछ देर बाद वे उठकर सदन से बाहर चली गईं। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि इस्लाम हमें ऐसा करने की अनुमति नहीं देता।

बजट सत्र के बीच लगातार हंगामा
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर निगम ने 8455 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। बुधवार को इस बजट पर चर्चा और बहस शुरू हुई, लेकिन शुरुआत से ही सदन में हंगामे का माहौल बना रहा।

जय श्री राम के नारे
चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद लगातार सवाल उठा रहे हैं, जिनका जवाब सत्ताधारी दल भाजपा के पार्षद और एमआईसी सदस्य दे रहे हैं। इसी दौरान भाजपा पार्षदों ने “जय श्रीराम” के नारे भी लगाए, जिससे माहौल और अधिक राजनीतिक हो गया।

निगम की संपत्तियों पर उठे सवाल
हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की जमीन और संपत्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों को सही जानकारी नहीं होती और सवाल पूछने पर वे जिम्मेदारी दूसरे विभागों पर डाल देते हैं। इस पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया कि सभी सवालों के जवाब सात दिन के भीतर उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सभापति मुन्नालाल यादव से इस तरह के मामलों के समाधान के लिए स्थायी व्यवस्था बनाए जाने की भी मांग की, ताकि भविष्य में जानकारी और जवाबदेही को लेकर भ्रम की स्थिति न बने।

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