अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा बाजार दर से 4 गुना दिया जाएगा: विकास कार्यों के लिए 33 हजार 985 करोड़ रुपए की स्वीकृति
KHULASA FIRST
संवाददाता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक
खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि अर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना यानी 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा।
यह निर्णय प्रदेश की ग्रामीण कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा है। मंत्रि-परिषद ने साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है।
किसानों को होगा जबरदस्त फायदा- मंत्रि-परिषद ने मप्र भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' मंि संशोधन को मंजूरी दी है। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी।
इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। उल्लेखनीय है इस संबंध में मंत्री तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चैतन्यकुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं।
उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ रु. की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 24 करोड़ रु. मंजूर
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है साथ ही लोकसेवा प्रबंधन विभाग को क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया है।
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