चार धाम यात्रा 2026 का शुभारंभ: गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले; सीएम धामी ने दीं शुभकामनाएं
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। इसी के साथ गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। धामों को फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया है, वहीं सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
डोलियों के साथ गूंजे जयकारे, उमड़ा आस्था का सैलाब
मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन निवास मुखबा गांव से और मां यमुना की डोली खरसाली गांव से रवाना होकर धामों तक पहुंचीं। इस दौरान रास्तेभर ‘जय मां गंगे’ और ‘जय मां यमुना’ के जयकारे गूंजते रहे।
पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकली शोभायात्रा
ढोल-दमाऊ, रणसिंघा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, पुजारी और स्थानीय लोग शामिल हुए। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं की स्थापना की गई।
सीएम धामी ने दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चार धाम यात्रा का यह शुभारंभ सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति लेकर आए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
श्रद्धालुओं से अपील
सीएम ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसे प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहयोग करें।
केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट भी जल्द खुलेंगे
चारधाम यात्रा के क्रम में केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप से श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया।
रिकॉर्ड पंजीकरण, श्रद्धालुओं में उत्साह
शनिवार शाम तक करीब 18.9 लाख श्रद्धालु चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक करीब 6.5 लाख पंजीकरण केदारनाथ के लिए, 5.5 लाख बद्रीनाथ, 3.3 लाख गंगोत्री और 3.2 लाख यमुनोत्री के लिए दर्ज किए गए हैं।
व्यापक तैयारियां और सुविधाएं
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने चारों धामों में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं। चिकित्सा, सुरक्षा, परिवहन और आवास जैसी सुविधाओं को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित रह सके। चारधाम यात्रा हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसे सनातन परंपरा की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में माना जाता है।
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