प्रतिबंध के बावजूद कोयला परिवहन: बड़े औद्योगिक समूह पर सख्ती; कंपनियों समेत छह संस्थाओं पर एफआईआर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, सिंगरौली।
जिले में प्रतिबंध अवधि के दौरान कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन किए जाने के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर अडानी समूह से जुड़ी कंपनियों समेत छह संस्थाओं और संबंधित ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को सिंगरौली में कोयला परिवहन व्यवस्था पर अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।
प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर दौड़ते मिले ट्रक
जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने 23 मई को निर्धारित अवधि के लिए सड़क मार्ग से कोयला परिवहन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद सरई और बरगवां क्षेत्र में कोयला एवं फ्लाई ऐश से लदे कई वाहन संचालित होते पाए गए। मामले की जांच के लिए तहसीलदार बरगवां को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में प्रतिबंध का उल्लंघन होने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक नोटिस जारी होने के बाद भी निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित कंपनियों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए।
किन संस्थाओं पर कार्रवाई के निर्देश
जिन संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें एमडीओ (एमडीओ), टीएचडीसी ( टीएचडीसी ), अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड, एमपी मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएमडीसी ), संबंधित ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स कंपनियां, शामिल बताई जा रही हैं।
जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?
तहसीलदार बरगवां द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि प्रतिबंध लागू रहने के दौरान भी परिवहन गतिविधियां जारी रहीं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब प्राप्त नहीं होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
बड़ा संदेश देने वाली कार्रवाई
प्रशासन का मानना है कि सरकारी आदेशों का पालन सभी के लिए समान रूप से अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में किसी भी संस्था या कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सिंगरौली देश के प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में परिवहन और पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
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