कोचिंग विवाद और फायरिंग केस: खान सर को अंतरिम राहत; जमानत याचिकाओं पर टिकी निगाहें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, पटना।
राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और कथित फायरिंग मामले में कानूनी घटनाक्रम तेज हो गया है। मामले में नामजद खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर को फिलहाल अदालत से राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है और पुलिस से केस डायरी तलब की है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई या अगले आदेश तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर अथवा दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले को खान सर के लिए तत्काल राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।
हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला
खान सर के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास और हथियारों के कथित अवैध उपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी के अनुसार, यह आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मियों को गोली चलाने के लिए कहा था।
पुलिस इसी आधार पर आगे की जांच कर रही है। खान सर की ओर से सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
रौशन आनंद की जमानत पर भी नजर
इसी प्रकरण में जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी अदालत का फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और छात्रों में असंतोष देखा गया है।
सोमवार शाम पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर रौशन आनंद की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और उन्हें निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग उठाई। कई छात्र पोस्टर लेकर मार्च में शामिल हुए, जिनमें कथित रूप से झूठे मुकदमे का आरोप लगाया गया था।
सुरक्षा गार्डों की जमानत पर फैसला सुरक्षित
मामले में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्डों दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि दोनों ने आत्मरक्षा की स्थिति में कार्रवाई की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े सबूत प्रस्तुत करने को कहा। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। दोनों सुरक्षा कर्मियों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था और अब उनकी जमानत पर फैसला आने का इंतजार है।
पुलिस कार्रवाई पर बदला खान सर का रुख
घटना के तुरंत बाद खान सर ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की थी, लेकिन बाद में उनका रुख बदला हुआ दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची थी।
उनका कहना था कि जब मारपीट हो रही थी, तब उन्हें पता था कि पुलिस को आने में समय लगेगा। इसी कारण सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा के तहत फायरिंग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी सुरक्षा कर्मी के सामने जान-माल का खतरा हो तो उसका कर्तव्य क्या होना चाहिए। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं।
क्लासरूम से छात्रों को संबोधित करते दिखे खान सर
विवाद के बीच खान सर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे छात्रों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कथित रूप से सीसीटीवी फुटेज दिखाकर कहा कि उनके सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है और मामले को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि यदि उनका संस्थान बंद हो गया तो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई संस्थानों की फीस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उनका दावा था कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि कम लागत में शिक्षा उपलब्ध कराना है। वीडियो में खान सर अपने सुरक्षा गार्ड के साथ हुई कथित मारपीट का भी उल्लेख करते हैं और घटना को गंभीर बताते हैं।
छात्रों के बीच बढ़ता ध्रुवीकरण
इस पूरे विवाद ने पटना के कोचिंग जगत और छात्र समुदाय को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक ओर खान सर के समर्थक हैं, जो इसे उनके संस्थान पर हमला बताते हैं, वहीं दूसरी ओर रौशन आनंद के समर्थक छात्र उनके खिलाफ दर्ज मामलों को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं।
कानूनी लड़ाई अब अदालत में है और आने वाले दिनों में जमानत संबंधी फैसले तथा पुलिस जांच की दिशा इस बहुचर्चित मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट करेंगे। फिलहाल अदालत के अंतरिम आदेश ने खान सर को राहत दी है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच जारी है।
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