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एक घाट पर चल रही है सफाई दूसरे किनारे पर डाल रहे गंदगी: निगम अफसरों की लापरवाही; कान्ह की मशीन से सफाई करने वाले निगमकर्मी ही बिगाड़ रहे व्यवस्था

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 मार्च 2026, 2:37 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम अफसरों की लापरवाही से करीब 12 साल में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी कान्ह में गाद और गंदा पानी भरा है। जिन अफसरों ने सफाई कराई, वे रवाना हो गए। अब नए अफसरों ने जिम्मेदारी संभाली और अपनी कमाई के लिए कान्ह की सफाई फिर शुरू करा दी। लेकिन कान्ह की सफाई का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें कान्ह के एक किनारे पोकलेन मशीन से गाद निकालकर सफाई की जा रही है।

उसी में दूसरे किनारे पर निगमकर्मी कचरा डालते दिखाई दे रहे है। इस वीडियो के वायरल होने से निगम की कान्ह सफाई योजना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अधिकतर लोगों का कहना है कि 12 हजार करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी कान्ह इसी वजह से साफ नहीं हुई। एक तरफ सफाई हुई तो दूसरी तरफ कचरा भर दिया जाता है।

यह खेल निगम के अफसर ही कराते हैं। जिससे वर्षों से कान्ह की सफाई अभियान न होकर एक प्रोजेक्ट बन गया है। निगम का हर नया अफसर सफाई के नाम पर एक दिन में लाखों रुपए खर्च करता है। महीनों सफाई होती है। करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन नदी की दशा में बदलाव नहीं होता है।

सफाई पर विवाद... निगम अफसरों द्वारा कान्ह की मशीनों से सफाई कराने के दौरान निकलने वाली गाद नदी के किनारे रख दी जाती है, जो बारिश में बहकर वापस नदी में पहुंच जाती है। अफसरों की इस कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है, लेकिन निगम की कार्यप्रणाली उसी ढर्रे पर है।

मौजूदा वायरल वीडियो में कान्ह की सफाई के दौरान पोकलेन मशीन से गाद किनारे पर ही डाली जा रही है, जो बाद में उसी में पहुंच जाएगी। इस तरह की सफाई कई वर्षों से हो रही है, लेकिन कान्ह साफ नहीं हुई, हां निगम का करोड़ों रुपए का बजट जरूर साफ हो गया। अब केंद्र से मिले 511 करोड़ रुपए खर्च करने को निगम अफसर उतावले हो रहे हैं, लेकिन मौका नहीं मिला।

अब मौका मिलते ही यह राशि भी खर्च हो जाएगी। लेकिन कान्ह साफ होगी या नहीं इसको लेकर असमंजस बना हुआ है। वायरल वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि यह पुराना वीडियो है, जिसे अब वायरल किया गया है। निगम अफसर भले ही कुछ भी दावे करें, लेकिन हकीकत यही है कि निगमकर्मी ही कचरा डाल रहे हैं और निगम अफसर सफाई करा रहे हैं।

घाटों की सफाई... कान्ह नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अभ्यास मंडल ने विश्व जल दिवस पर घाटों की सफाई की और नदी में लोटे से शुद्ध जल अर्पित कर नदी को साफ बनाने का संकल्प लिया। सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अभी तक यह शुद्ध नहीं हो पाई है। इसी कड़ी में विश्व जल दिवस के मौके पर रविवार को शहर के पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णपुरा छत्री के घाट पर एकत्र हुए और नदी के घाट की सफाई की।

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