साइबर जाल में फंसे शहरवासी मिनटों में ही उड़ रही जमापूंजी: फर्जी प्रोसेसिंग फीस के नाम से निकाल लेते हैं रकम
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मोबाइल कॉल, वाट्सएप लिंक या ऑनलाइन निवेश का झांसा… बस, कुछ ही मिनटों में लोगों की जमापूंजी साइबर ठगों के हाथ में चली जाती है। अलग-अलग थानों में दर्ज शिकायतों से पता चला है कि 40 लाख से अधिक की ठगी हुई।
पीड़ितों ने बताया कि ठग अपने आप को बैंक अधिकारी, नौकरी दिलाने वाला, कूरियर या निवेश सलाहकार बताकर लोगों को फंसाते हैं। इसके बाद ओटीपी, लिंक या फर्जी प्रोसेसिंग फीस के माध्यम से खातों से रकम निकाल लेते हैं। साइबर अपराधियों ने तकनीक के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक दबाव का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
पहले मामले में राऊ थाने में अनिल लिमये निवासी श्रीराम वाटिका ने बताया कम समय में शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर ठग ने अलग-अलग समय पर उनके बैंक अकाउंट से 9,25,000 निवेश के नाम पर निकाल लिए। इधर, मुसलमान मोहल्ला के राधेश्याम ने बताया साइबर ठग ने उन्हें पेटीएम लोन दिलाने का झांसा दिया।
प्रोसेसिंग के दौरान उनके पेटीएम वॉलेट से 1 लाख रुपए निकाल लिए, जबकि कुल लोन राशि 3 लाख रुपए थी। इसी तरह सदर बाजार थाने में ओमप्रकाश तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई कि जर्मनी में जॉब देने के नाम पर अज्ञात व्यक्ति ने प्रोसेसिंग फीस के बहाने 1.50 लाख रुपए हड़प लिए।
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली मंजू तक्षक निवासी आरआर कैट कॉलोनी ने बताया वाट्सएप ग्रुप एडमिन ‘निधि अग्रवाल’ के नाम से साइबर ठग ने शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर उनसे 29 लाख रुपए ठग लिए।
साइबर अपराध के नए-नए तरीके बन रहे चुनौती
पुलिस ने बताया सभी मामले दर्ज कर जांच की जा रही है। हालांकि साइबर अपराधियों के नित-नए तरीके और डिजिटल जाल चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका है कि किसी भी लिंक, कॉल या संदेश पर तुरंत भरोसा न करें।
बैंक डिटेल, पासवर्ड या ओटीपी कभी साझा न करें। ऑनलाइन निवेश या नौकरी के ऑफर को हमेशा आधिकारिक स्रोत से क्रॉस-चेक करें। शंका होने पर तुरंत पुलिस या बैंक से संपर्क करें। विशेषज्ञों ने चेताया कि डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना अब हर नागरिक के लिए आवश्यक है।
ऑनलाइन कमीशन के नाम पर गंवाए लाखों रुपए
घर बैठे ऑनलाइन काम कर मोटा कमीशन कमाने के लालच में आकर लसूड़िया थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने लाखों रुपए गंवा दिए। फरियादी अमोद कुमार सिंह निवासी स्कीम-114 ने बताया ऑनलाइन कमीशन का झांसा देते हुए अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया और बताया कि अगर घर बैठे ऑनलाइन काम करेंगे तो वह 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन देगा, जिससे लाखों रुपए हर महीने उनके अकाउंट में आ जाएंगे।
भरोसे में लेकर ठग ने प्रोसेसिंग फीस के नाम उनसे 1.28 लाख रुपए हड़प लिए। वहीं कनाड़िया पुलिस ने क्रेडिट कार्ड के नाम पर 63 हजार रुपए की साइबर ठगी का प्रकरण दर्ज किया है। इन सभी मामलों में ठगों ने पीड़ितों को विश्वास में लेकर फर्जी दस्तावेज, लिंक या कॉल प्रोसेसिंग के बहाने रकम निकाल ली।
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