इस ज्योतिर्लिंग मंदिर की सुरक्षा संभाले सीआईएसएफ: राज्यसभा में सांसद ने उठाया मुद्दा; महाकुंभ को लेकर यह मांग की
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के लिए उमड़ रही भारी भीड़ तथा आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनज़र राज्यसभा सांसद डॉ. उमेशनाथ महाराज ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।
केंद्रीय स्तर की सुरक्षा अनिवार्य
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अब यहां केंद्रीय स्तर की सुरक्षा और आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन अनिवार्य हो गया है।
बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की चुनौती
सांसद ने कहा कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती और अन्य धार्मिक आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिससे सुरक्षा प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
सिंहस्थ 2028 पर विशेष फोकस
उन्होंने बताया कि आगामी सिंहस्थ 2028 में 15 से 16 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में अभी से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
सीआईएसएफ और आधुनिक तकनीक की मांग
राज्यसभा में उठाए गए प्रमुख सुझावों में सीआईएसएफ के जरिए मंदिर परिसर की सुरक्षा और नियमित ऑडिट, एआई आधारित स्मार्ट क्राउड मैनेजमेंट और ड्रोन सर्विलांस और आपात स्थितियों के लिए एनडीआरएफ का स्थायी केंद्र स्थापित करना शामिल है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
इससे पहले उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया भी महाकाल मंदिर की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बढ़ती भीड़ और संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की बात कही थी।
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