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वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव: इतने लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ा; कई ऑक्सीजन सपोर्ट पर

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 अप्रैल 2026, 11:21 am
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वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव

खुलासा फर्स्ट, झाबुआ।
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में शुक्रवार शाम एक गंभीर हादसा सामने आया, जब पद्मावती नदी किनारे स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। इस घटना में प्लांट के कर्मचारियों सहित लगभग 49 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ के चलते ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

घटना थांदला क्षेत्र की पुरानी मंडी के पास हुई, जहां अचानक गैस लीक होने से आसपास के करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में दहशत फैल गई। लोगों ने आंखों में जलन, घबराहट और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए।

सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीएम भास्कर गाचले और टीआई अशोक कनेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तत्काल राहत और नियंत्रण कार्य शुरू किया। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के क्षेत्रों को भी सतर्क किया गया।

तकनीकी सहायता के लिए मेघनगर की एक इंडस्ट्री से सहयोग लिया गया, जबकि इंदौर से विशेषज्ञों की टीम बुलाकर प्लांट के अन्य टैंकों की जांच करवाई गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गैस रिसाव पर काबू पा लिया गया और रात तक हालात सामान्य कर दिए गए।

प्रभावित लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियातन पूरे इलाके में घर-घर सर्वे शुरू किया है, ताकि किसी भी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान कर समय पर उपचार दिया जा सके। जिन लोगों में हल्के लक्षण पाए गए, उन्हें भी निगरानी में रखा गया है।

नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया के अनुसार, शाम करीब 5 बजे गैस लीक हुई थी, जिसे 7 बजे तक नियंत्रित कर लिया गया। रात 9 बजे तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई थी। बीएमओ डॉ. डावर ने बताया कि कुछ मरीजों की हालत थोड़ी गंभीर थी, लेकिन अब सभी की स्थिति स्थिर है।

फिलहाल प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन घटना के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी को जिम्मेदार माना जा रहा है, हालांकि लापरवाही की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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