मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा: एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को प्रदान करेगा मजबूत आधार
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्मक्षेत्र भी है। उनके नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सशक्त राष्ट्र बनकर उभरा है, जो स्थिरता, संभावनाओं और भरोसे का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। वाराणसी की तरह उज्जैन भी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोनों ही शहरों में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए विकास कार्यों की शुरुआत की गई है।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। उन्होंने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग सम्मेलन का वाराणसी के होटल रामाडा में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।
देश ने किया लाल सलाम को आखिरी सलाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प से देश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। नक्सलवाद लोकतंत्र की स्थापना के लिए बड़ी चुनौती था। मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे प्रदेश के विकास और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने भी कानून-व्यवस्था के साथ विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी नीति आधारित पारदर्शिता, उद्योगों के लिए उपलब्ध विशाल भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशक हितैषी वातावरण के साथ नए अवसरों का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कार्यों की शुरुआत हुई है।
इसका लाभ मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को भी मिलेगा। यह परियोजना सिंचाई के साथ पेयजल सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए यह स्थिति नए प्रयासों और नए सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएं पैदा कर रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के आयोजन के लिए हर तरह के प्रबंधन की तैयारियां चल रही हैं। प्रयागराज में ऐतिहासिक महाकुंभ के आयोजन की व्यवस्थाओं के अध्ययन से सिंहस्थ के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस संदर्भ में आज विश्वनाथ कॉरिडोर की व्यवस्थाओं को भी समझा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योग और निवेश गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है।
मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने के बाद वर्तमान वर्ष 2026 में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अनंत निवेश संभावनाएं हैं। प्रदेश से 70 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।
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