दोबारा चार्जिंग बन गई मौत का कारण: ब्रजेश्वरी एनेक्स अग्निकांड में हुआ खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तिलक नगर पुलिस की पूछताछ में सामने आया है हादसे वाली रात ईवी कार चार्जिंग पॉइंट से जुड़ी हुई थी। मृतक मनोज पुंगलिया के बेटों के बयान ने जांच को नई दिशा दी है। पुलिस के मुताबिक पहले दावा किया गया था कार चार्जिंग पर नहीं लगी थी। चार्जर ही नहीं था लेकिन पूछताछ में बेटों ने कबूला है रात करीब 11 बजे कार को दोबारा चार्जिंग पर लगाया था। इस खुलासे के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम को शुरुआती बयान, तकनीकी रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थिति के आधार पर नए सिरे से खंगाल रही है।
चार घंटे चली पूछताछ
तिलक नगर पुलिस ने कल मृतक मनोज पुंगलिया के तीनों बेटों—सौरभ, सौमिल और हर्षित के साथ हर्षित के दोस्त ऋषभ जादौन और शिवेंद्र के बयान लिए। करीब चार घंटे चली पूछताछ में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने आग लगने की वजह को लेकर पहले बनी तस्वीर को बदल दिया। टीआई मनीष लोधा के मुताबिक ये बयान केस में महत्वपूर्ण मोड़ हैं।
सीएम के सामने किया था अलग दावा
इस पूरे मामले को और संवेदनशील बनाता है वह बयान, जो हादसे के बाद मुख्यमंत्री के सामने दिया गया था। सौरभ पुंगलिया ने कहा था उनकी इलेक्ट्रिक कार से आग नहीं फैली, क्योंकि चार्जिंग पर नहीं थी। कार में उस रात चार्जर नहीं था। जो वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, उनमें यह बात देखी जा सकती है। उस समय परिवार ने यह दावा भी किया था आग की शुरुआत इलेक्ट्रिक पोल पर हुए ब्लास्ट से हुई थी।
सौरभ ने बताया था जब घर में आग लगी, तो ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे माता-पिता को सबसे पहले इसकी जानकारी हुई। उन्होंने दरवाजा खोला और बाहर देखा तो ईवी कार के साथ पोर्च में खड़ी बाइक जल रही थी। अब जबकि बयान बदल गए हैं, जांच एजेंसियों के लिए यह सवाल और भी अहम हो गया है कि शुरुआती दावे और बाद के बयानों में इतना अंतर क्यों रहा?
ब्रजेश्वरी एनेक्स में कारोबारी मनोज पुंगलिया के घर हुए भीषण अग्निकांड की जांच में ऐसा मोड़ आया है, जिसने हादसे की दिशा ही बदल दी है। जिस इलेक्ट्रिक कार (ईवी) की चार्जिंग को लेकर शुरुआत में परिवार की ओर से साफ इनकार किया गया था, वही बिंदु इस भीषण हादसे के केंद्र में आ गया है।
नकारा था शॉर्ट सर्किट को
सबसे बड़ा सवाल था क्या आग की शुरुआत ईवी चार्जिंग से हुई थी? परिवार की ओर से शुरू में इस बात से साफ इनकार किया गया था। सौरभ पुंगलिया ने पहले कहा था कार चार्जिंग पर नहीं थी और उसमें चार्जर भी नहीं था। कार चार्जिंग पर नहीं थी, तो शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता था?
पूछताछ में सौरभ ने कहा कार करीब 85 प्रतिशत चार्ज हो चुकी थी, इसलिए चार्जर निकाल दिया था। हालांकि, बाद में हर्षित ने पुलिस को बयान दिया उसने रात करीब 11 बजे कार को दोबारा चार्जिंग पर लगाया था। यही वह बिंदु है, जिसने पुलिस की जांच को निर्णायक रूप से प्रभावित किया है।
फायर ब्रिगेड और बिजली सप्लाई पर उठाए थे सवाल
परिवार ने फायर ब्रिगेड और बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे। सौरभ ने यह भी कहा था मां सहित चार सदस्य बच गए। उन्हें खरोंच तक नहीं आई, लेकिन आठ लोगों की जान क्यों नहीं बच पाई? यह 100 प्रतिशत फायर ब्रिगेड की गलती है। उनका आरोप था जब फायर फाइटर पहुंचे तो पानी खत्म हो गया।
हौज पाइप बिछाने में समय बर्बाद हुआ, और टैंकर को पानी लाने में करीब आधा घंटा लग गया। उन्होंने यह भी कहा था कि बाद में पता चला कि घर में पानी भर गया था लेकिन इलेक्ट्रिक सप्लाई चालू थी। आशंका जताई थी घर के भीतर मौजूद लोगों की मौत करंट लगने से भी हो सकती है। परिवार ने यह भी कहा था पीएनजी लाइन समय पर बंद नहीं करवाई, जिससे पूरी कॉलोनी को बड़ा खतरा हो सकता था।
बिजली कंपनी की शुरुआती जांच ने दिए थे संकेत
बिजली कंपनी की शुरुआती जांच ने पहले ही हादसे की दिशा की ओर इशारा कर दिया था। कंपनी अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में दावा किया था आग की शुरुआत घर में लगे ईवी चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। अब परिवार के बदले हुए बयानों ने उस तकनीकी आकलन को और मजबूत कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, घर के लिए 15 किलोवॉट लोड स्वीकृत था। सामान्य तौर पर 2 से 9 किलोवॉट के बीच ही बिजली उपयोग हो रही थी, हादसेक वाले दिन लोड अचानक बढ़ गया था। यानी, तकनीकी तौर पर जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है चार्जिंग के दौरान लोड, वायरिंग, कट-ऑफ सिस्टम और चार्जिंग पॉइंट की स्थिति क्या थी।
डेटा ने खोली टाइम लाइन
जांच में स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से मिले हैं। बिजली कंपनी ने तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकालकर जो शुरुआती रिपोर्ट तैयार की, उसमें चौंकाने वाली बातें सामने आईं। कार रोज रात 11 से सुबह 3 बजे तक चार्जिंग पर रहती थी। हादसे वाली रात यही पैटर्न था। रिपोर्ट के मुताबिक तड़के चार्जिंग के दौरान कार में पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद चार्जिंग फिर शुरू हो गई।
सच आएगा सामने
ब्रजेश्वरी एनेक्स अग्निकांड सिर्फ जांच नहीं रह गया है। सच बनाम शुरुआती दावों, तकनीकी रिपोर्ट बनाम भावनात्मक प्रतिक्रिया और जिम्मेदारी बनाम लापरवाही की बड़ी पड़ताल में बदल चुका है। सबसे बड़ा सवाल क्या यह महज एक तकनीकी दुर्घटना थी? या लापरवाही, गलत आकलन और देरी की श्रृंखला, जिसने आठ जिंदगियां निगल लीं?
फिलहाल इतना तय है ईवी चार्जिंग को लेकर बदलते बयानों ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। शहर की नजर इस पर टिकी है कि पुलिस, बिजली कंपनी और फॉरेंसिक जांच की अंतिम रिपोर्ट इस भयावह अग्निकांड की असली वजह को किस रूप में सामने लाती है?
20 और लोगों के बयान दर्ज होंगे
पुलिस जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय हर एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक मृतक मनोज पुंगलिया की पत्नी सहित करीब 20 अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इनके जरिए पुलिस समझने की कोशिश करेगी हादसे से पहले घर के भीतर क्या गतिविधियां थीं?
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