खबर
Top News

चारधाम यात्रा 2026: विधि-विधान के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले; 25 क्विंटल फूलों से सजाया मंदिर

KHULASA FIRST

संवाददाता

23 अप्रैल 2026, 11:34 am
131 views
शेयर करें:
चारधाम यात्रा 2026

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा 2026 ने अब पूर्ण गति पकड़ ली है। केदारनाथ के बाद गुरुवार सुबह बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। सुबह करीब सवा 6 बजे जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, हजारों भक्तों की मौजूदगी में पूरा धाम भगवान बद्रीविशाल के जयकारों से गूंज उठा।

मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया
इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। करीब 25 क्विंटल फूलों से सजे मंदिर की छटा बेहद आकर्षक नजर आई। खास बात यह रही कि पहली बार फूलों से ‘ॐ लक्ष्मीपति नमो’, ‘जय श्री बद्री नारायण’ और ‘वैकुंठाय नमो’ जैसे दिव्य संदेश भी उकेरे गए, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा कर दिया। लगभग 149 दिनों के अंतराल के बाद भगवान बद्रीविशाल ने भक्तों को दर्शन दिए। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे और उन्होंने पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

क्यों बंद होते हैं कपाट?
चारधाम- यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं। सर्दियों के मौसम में यहां भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण दर्शन संभव नहीं हो पाते। इसी वजह से हर वर्ष अक्टूबर-नवंबर में कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें अप्रैल-मई में पुनः खोला जाता है।

चारधाम यात्रा का आगाज
चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के द्वार खोले गए और अब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा पूरी तरह से सुचारू हो गई है। करीब छह महीने तक चलने वाली इस यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह यात्रा न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी मानी जाती है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!