आरोपी पक्ष पर केस दर्ज कर समझौते की कवायद उषा नगर में हुए हाई-प्रोफाइल बवाल का मामला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
उषा नगर में हुआ हाई-प्रोफाइल बवाल अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। एक पक्ष की शिकायत पर भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे, विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा समेत सात लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो चुका है, लेकिन तीन दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
दूसरी ओर पुलिस अब दूसरे पक्ष के आवेदन, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच में जुटी है। पुलिस की इस सक्रियता को लेकर चर्चा है कि यह मामले को ‘बैलेंस’ करने और अंतत: राजीनामे की जमीन तैयार करने की कवायद है।
उल्लेखनीय है शनिवार रात उषा नगर में कुत्तों को खाना खिलाने से शुरू हुआ विवाद रविवार को खुलेआम हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ में बदल गया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडे चलाते और पत्थर फेंकते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद मुख्य एफआईआर में नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस ने भाजपाई वीरेंद्र शेंडगे, शानू दिघे, प्रणय चित्तौड़ा समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, घर में घुसकर मारपीट और धमकाने जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन अब विवेचना का फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाय घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टॉवर लोकेशन और दूसरे पक्ष के आवेदन की जांच पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
सोमवार रात पुलिस ने दो स्थानों के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए और रविवार दोपहर हुई तोड़फोड़ व पथराव की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक जांच का उद्देश्य केवल उपद्रवियों की पहचान करना नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष के आवेदन को भी आपराधिक प्रकरण में बदलने की संभावनाएं तलाशना है।
यदि ऐसा होता है तो दोनों पक्षों पर केस दर्ज होने के बाद समझौते और राजीनामे का रास्ता आसान हो जाएगा।
हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जब हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले में नामजद एफआईआर दर्ज है, वीडियो मौजूद हैं और आरोप सार्वजनिक हैं, तब पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी से क्यों बच रही है?
शहर में चर्चा है कि राजनीतिक दबाव, संगठनात्मक समीकरण और डैमेज कंट्रोल की कोशिशों के बीच कानूनी कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी या दोनों पक्षों पर केस, फिर समझौता वाली पुरानी पटकथा पर आगे बढ़ेगी।
संबंधित समाचार

मां करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा मुस्लिम टैक्सी चालक:भोपाल से बैठी हिंदू महिला पर कर रहा था भद्दे कमेंट

पति का तर्पण कर बस से आ रही महिला से कर्मचारी ने की छेड़छाड़:गरोठ में जमकर पीटा

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल:अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के होस्टल का वीडियो वायरल

मालिनी-एकलव्य सुदर्शन में तलब:दी गई कड़ी समझाइश

जब्त बेल्ट पर सवाल:जांच प्रक्रिया पर उठा नया विवाद; ट्विशा शर्मा मौत की मिस्ट्री

भाजपाई रणनीतिक चाल से कांग्रेस ने खाई मात:भाजपा ने तीसरा राज्यसभा प्रत्याशी उतारा

इतिहास के खंडहरों में:धूल खा रहा है गांधी हॉल

गो संरक्षण के दावों पर सवाल:गाय पन्नी खाने को मजबूर

विरासत से हुए रूबरू ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक

हेमकुड साहिब 15 दिन में 65 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रजिस्ट्री घोटाला:उपपंजीयक की भूमिका सवालों के घेरे में

राज्यसभा चुनाव:प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट में 3 नाम शामिल; कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन पर चुनाव आयोग का फैसला बाकी

नाविकों की बहादुरी से टला बड़ा हादसा:नर्मदा में डूब रहे मां-बेटे और बेटी को बचाया

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:इतने करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त; अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा

बच्ची से दुष्कर्म:आरोपी नाबालिग; बाइक पर घूमाने के बहाने घर ले गया, केस दर्ज

युवक की निर्मम हत्या:घर के नीचे बुलाकर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार; बेटे को बचाने आई मां पर भी किया हमला

वीडियो देखिये, कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के बयान पर भाजपा का हमला:मुख्यमंत्री के बारे में कही ऐसी बात; ओबीसी सम्मान का मुद्दा गरमाया

वीडियो देखिये, राज्यसभा चुनाव पर सियासी संग्राम तेज:कांग्रेस विधायक के विवादित बयान से बढ़ा विवाद; धरना-प्रदर्शन

हल्लाबोल:भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी; कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

दिखावे के कथन:जांच ठंडे बस्ते में; मामला बिजली के पोल और तार काटकर कबाड़ी को बेचने का
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!