हनीट्रैप गिरोह की एक और महिला पर केस: पुलिस से संपर्क कर बोला व्यापारी मैं भी हो चुका शिकार
KHULASA FIRST
संवाददाता

गिरफ्त में आरोपी साधना और भावना
अब तक हो चुके कुल चार आरोपी
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हनी ट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह में एक अन्य महिला भी शामिल थी। पुलिस ने इस महिला को भी आरोपी बनाया है। फिलहाल महिला फरार है। इस तरह केस में अब तक कुल चार आरोपी हो चुके।
वहीं, कल एक व्यापारी पुलिस के पास पहुंचा था। उसने बताया कि वह भी गिरोह की ठगी का शिकार हो चुका है। वहीं, गिरोह ने तिलक नगर क्षेत्र में भी हनी ट्रैप में एक व्यक्ति को शिकार बनाया था। हालांकि मामला थाने पहुंचने पर राजीनामा हो गया था।
उल्लेखनीय है कि पठानकोट में पदस्थ सैनिक दीपक कुछ दिन पहले महू के सेना की शाखा डिफेंस सिक्योरिटी काप्स (डीएससी) में रहने आया था। इस दौरान उसे भावना पिता सुदामा भार्गव (25) वर्तमान निवासी स्कीम 78 ने फोन कर पूर्व परिचित होने का कहकर झांसे में ले लिया।
दबाव बनाकर मिलने को कहा। दीपक ने महू कैलोद गांव स्थित रेनबो फार्म हाउस में कमरा बुक कर लिया। मिलने पर भावना को लेकर वहां पहुंचा तो कुछ ही मिनट में साधना पति लकी गुप्ता (37) निवासी भमोरी विजय नगर और बिजय पिता रामभरोसे तिलवारे (29) निवासी कनाडिय़ा जा धमके और खुद को भावना के भाई-बहन बताकर दीपक पर उससे गलत काम करने का आरोप लगाकर दबाव बनाकर दो लाख रुपये मांगे।
हालांकि आरोपी पकड़े गए। पुलिस ने तीनों को जेल भिजवा दिया। डीएसपी उमाकांत चौधरी के अनुसार मामला फोटो-वीडियो सहित मीडिया में उछला तो कल एक व्यापारी राजकुमार बड़गौंदा थाने पहुंचा और बताया कि आरोपियों ने उसे भी शिकार बनाया था।
स्कीम 78 स्थित एक कमरे पर ले गए थे और बाद में दबाव बनाकर पहले 37 हजार फिर पांच हजार रुपए ले लिए। मामला लसूड़िया क्षेत्र का होने के चलते पीड़ित को संबंधित थाने भिजवा दिया गया है। इतना हीं नहीं केस की जांच में सामने आया कि भावना और उसके गिरोह को सैनिक दीपक का नंबर महू क्षेत्र की सीमा ने उपलब्ध कराया था।
फोन की जांच में सामने आया कि उनमें कई बार बातचीत भी हुई थी। इसके चलते सीमा को भी केस में चौथा आरोपी बनाया है। फिलहाल वह फरार है। उसकी तलाश जारी है। वहीं, सूत्रों से ये भी पता चला है कि गिरोह की सरगना साधना गुप्ता, भावना और बिजय ने मिलकर तिलक नगर क्षेत्र में भी एक व्यक्ति को हनी ट्रैप का शिकार बनाया था। उसने थाने में शिकायत की तो आरोपियों ने दबाव बनाकर उससे राजीनामा कर लिया।
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