भवन अधिकारी की मनमानी से भवन निर्माता हो रहे परेशान: निगम जोन 19 और 22 में हो रही वसूली
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के भवन अधिकारी की मनमानी से भवन निर्माण करने वाले परेशान हो रहे हैं।
नक्शा पास करने से लेकर भवन निर्माण के बाद कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र लेने तक मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। इसके बाद भी महीनों चक्कर लगाकर लोग परेशान होते हैं। इसके चलते लोगों में भवन अधिकारी के खिलाफ नाराजगी है। नगर निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते जो अफसर जिस जगह बैठा है, उसने अपनी कमाई के तरीके वहीं बना लिए है।
ऐसा ही कारनामा निगम जोन 19 व 22 के भवन अधिकारी विशाल राठौर ने किया है। जोन क्षेत्र के रहवासी बताते हैं कि भवन अधिकारी के पास किसी भी काम से जाने पर पैसे तो देने ही पड़ते हैं, लेकिन महीनों चक्कर भी लगाना पड़ते हैं। इससे निर्माण कार्य प्रभावित होता है।
यदि निगम की भवन अनुज्ञा लिए बिना निर्माण शुरू कर दिया तो भवन अधिकारी के कोप से कार्रवाई का डर भी सताता रहता है। इसके चलते बायपास, स्कीम 140, निपानिया आदि क्षेत्रों में होने वाले नए निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बताया जाता है कि भवन अधिकारी राठौर हर काम के पैसे लेने की कला में माहिर हैं।
इसके चलते उनके पास किसी भी काम से पहुंचने वाले को चढ़ावा चढ़ाने के बाद ही काम होने का आश्वासन मिलता है। भवन अधिकारी पर लगाए गए आरोपों के संबंध में राठौर से जानकारी ली तो वह कहने लगे कि बिल्डर जानबूझ कर आरोप लगा रहे हैं। मैं नियमानुसार कार्य कर रहा हूं।
दो जोन क्षेत्र अवैध निर्माण का गढ़
बताया जाता है कि निगम जोन 19 और 22 में बहुतायत में अवैध निर्माण हो रहे हैं। ऐसे निर्माणकर्ताओं पर भवन अधिकारी राठौर का संरक्षण मिला हुआ है। इसके चलते बिल्डिंग परमिशन विभाग से जुड़े दूसरे कर्मचारी भवन निरीक्षक व लिपिक मौके पर जाकर मिलीभगत कर लौट आते हैं। इस तरह दो जोन क्षेत्र इन दिनों अवैध निर्माण का गढ़ बनते जा रहे हैं। इसके चलते जोन क्षेत्र के रहवासियों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद भी आला अफसरों की मेहरबानी से भवन अधिकारी की मनमानी जारी है।
बड़े जोन क्षेत्र
शहर में मौजूदा में निगम के दो जोन क्षेत्र में सबसे अधिक निर्माण कार्य हो रहे हैं। इनमें निगम जोन 19 और 22 शामिल हैं। इन जोन क्षेत्र में निगम जितने नक्शे पास करता है, उससे कई गुना अधिक भवनों का निर्माण हो रहा है। इसकी जानकारी भी भवन अधिकारी राठौर और भवन निरीक्षक अतुल श्रीधर और सचिन गेहलोत को है। इसके चलते निगम के भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक जमकर कमाई कर रहे हैं।
जोन का जिम्मा
नगर निगम में अफसरो की भारी-भरकम फौज होने के बाद भी निगमायुक्त द्वारा एक ही अफसर को एक से अधिक जोन में भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक का जिम्मा सौंपा गया है। इसके चलते भवन अधिकारी व भवन निरीक्षक क्षेत्र का निरीक्षण करने की जगह उनकी सीट तक पहुंचने वालों से मिलीभगत कर कमाई कर अपना घर भरने में सक्रिय हो गए हैं। इसका खामियाजा नियमों का पालन करने वालों के लिए मुसीबत बन गया है।
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