खबर
Top News

विधानसभा में बजट प्रस्तुत: किन्हें मिल सकता है फायदा; किस योजना की राशि बढ़ सकती है

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 फ़रवरी 2026, 11:11 am
135 views
शेयर करें:
विधानसभा में बजट प्रस्तुत

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सातवां बजट पेश करने से पहले पूजा-अर्चना की। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने अपना तीसरा बजट भाषण शुरू कर दिया है। वित्त मंत्री ने सुबह 11 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया।

कर्ज से कम रहेगा बजट आकार
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट राज्य पर मौजूदा कर्ज से कम रहने की संभावना है। प्रदेश पर करीब 4.94 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, जबकि इस बार का बजट लगभग पौने पांच लाख करोड़ रुपए के आसपास रहने का अनुमान है।

युवाओं, किसानों और महिलाओं को बड़ी उम्मीदें
इस बजट से युवाओं को रोजगार के अवसर, किसानों को किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी, महिलाओं को लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि बढ़ने की उम्मीद है, सरकार अगले एक साल में 50 हजार नई नौकरियों का ऐलान कर सकती है।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष प्रावधान संभव
साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए अधिकांश बड़े प्रोजेक्ट 2026-27 में ही पूरे करने की योजना है। ऐसे में बजट में विशेष प्रावधान किए जाने के संकेत हैं। गौरतलब है कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार के आम बजट में सिंहस्थ के लिए मध्यप्रदेश को अलग से प्रावधान नहीं मिला था।

विभागों के बजट पर सख्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने पहले आवंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं किया है, उनका बजट नहीं बढ़ाया जाएगा। इससे वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।

रोलिंग बजट की अवधारणा
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट “जीरो बजट” की जगह रोलिंग बजट की अवधारणा पर आधारित है। इसे आगामी तीन वर्षों के रोडमैप के साथ तैयार किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कौन से काम किस दिशा में आगे बढ़ाए जाएंगे।

महंगाई को लेकर सरकार की गंभीरता
उन्होंने महंगाई को लेकर सरकार की गंभीरता दोहराते हुए बताया कि मिडिल क्लास को राहत देने के लिए पहले ही टैक्स स्लैब 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपए किया जा चुका है। साथ ही, केंद्र से 50 वर्षों के लिए शून्य ब्याज दर पर मिले कर्ज से विकास कार्यों को गति मिलेगी।

गुल्लक लेकर पहुंचे विधायक

कांग्रेस विधायक विधानसभा में गुल्लक और तख्तियां लेकर पहुंचे। तख्तियों पर नारे लिखे थे—“खनखनाहट जोर की, अंदर हालत कमजोर की”

सुझावों पर उठाए सवाल
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि बजट किन लोगों के सुझावों से तैयार हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। उनका आरोप था कि शायद सुझाव केवल बीजेपी विधायकों से लिए गए होंगे। इस बजट से प्रदेश के किसानों, युवाओं और महिलाओं को बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सरकार इन अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है।


संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!