खबर
Top News

ब्रिक्स को साबित करना होगी अपनी ताकत: विकल्प है प्रकृति आधारित सस्टेनेबल एग्रीकल्चर

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 जून 2026, 2:11 pm
शेयर करें:
ब्रिक्स को साबित करना होगी अपनी ताकत

अमेरिका के टैरिफ वार और खाड़ी युद्ध से बढ़ा खेती का संकट

दुनिया की खेती-किसानी की लगाम अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों के हाथ में

डॉ. संतोष पाटीदार 93400-81331 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भारत की अध्यक्षता में यहां आज से ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा लडे  जा रहे  खाड़ी युद्ध और दुनिया पर  लगाए गए टेरिफ से भारत सहित ब्रिक्स देश जूझ रहे हैं। दुनिया की अर्थव्यवस्था ओधे  मुंडे मुंह गिर रही है।

अमेरिका द्वारा भारत पर थोपी गई जबरिया  कृषि  संधि साबित करती है दुनिया की खेती-किसानी की लगाम अब भी अमेरिका जैसे मुट्ठीभर  ताकतवर देशों  के हाथ में ही है।

दूसरी ओर चीन ब्राज़ील साउथ अफ्रीका और रूस जैसे देश कृषि मामलों में भारत के सामने बड़ी चुनौतिया पेश कर रहे हैं। वही डॉलर की मजबूती भारत समेत अन्य देशों कभी आर्थिक संकट बढ़ा रही है।

बढ़ती महंगाई के साथ कृषि उत्पादों की न्यूनतम बाजार मूल्य  श्रृंखला से भारतीय किसान परेशान है। छोटे किसानों और खेती आधारित मजदूर के लिए आजीविका का संकट गहरा गया है। ऐसे में भारत की सनातन या सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, जो प्रकृति आधारित है, ब्रिक्स देशों के लिए अनुकरणीय हो सकती है।

अपने राष्ट्र में खेती सहित महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों  का संकट विकास और आत्मनिर्भरता का द्वंद  दिनों दिन बढा रहा है। अमेरिका जैसे बड़े देश खेती में दी जा रही सब्सिडी को खत्म करवाना चाहते हैं। हम रासायनिक उर्वरकों के लिए विदेशों पर निर्भर हैं।

खेती की लागत बढ़ रही है और किसान का फायदा कम से कम होता जा रहा है। इससे सभी विकासशील देशों मैं खेती सुरक्षित नहीं रह गई हैं। ऐसी स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है तो  खाद्य सुरक्षा के लिए खेती- किसानी को सबसे पहले बचाया जाना जरूरी है।

खेती की भूमि को  तथाकथित आधुनिक विकास तेजी से निगल रहा है। इस आधुनिक विकास के कारण खड़ा हुआ जलवायु संकट खेती के लिए और बड़ी चुनौती है। 

वर्तमान हालातो के मद्देनजर इंदौर बैठक में खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों का सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन से कृषि की सुरक्षा और कृषि व्यापार जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।

दावा किया जा रहा है यह सम्मेलन भारत की कृषि नेतृत्व क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का अवसर है। 

ब्रिक्स के पास खेती का बड़ा भाग
ब्रिक्स देशों के पास विश्व की करीब 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रश कृषि जोतें व 42 प्रतिशत वैश्विक खाद्य उत्पादन है।

सवाल समाधान का?
बैठक में जलवायु संकट रोधी, डिजिटल खेती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सलाह, अनुसंधान में सहयोग, बीज और तकनीक के आदान-प्रदान तथा कृषि व्यापार को सरल बनाने जैसे उपायों पर चर्चा होगी।

ब्रिक्स देश छोटे किसानों को बाजार, तकनीक और वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के लिए साझा रणनीति बनाने का प्रयास करेंगे। महत्वपूर्ण है बैठक मप्र में हो रही है, जो गेहूं, सोयाबीन और दलहन उत्पादन में अग्रणी है।

ब्रिक्स क्या है?
ब्रिक्स विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। प्रमुख सदस्य हैं ब्राज़ील रूस, इंडिया , चाइना व साउथ  अफ्रीका। हाल के वर्षों में विस्तार भी हुआ है। इसमें नए देशों को शामिल किया गया है, जिससे यह समूह वैश्विक दक्षिण  की आवाज़ के रूप में अधिक प्रभावशाली बना है। ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका देशों के नाम के पहले अक्षरों से ब्रिक्स शब्द बना है। 

चुनौतियां ब्राजील, चीन व रूस से भी
खेती-किसानी के मामले में भारत के मुकाबले ब्राज़ील ब्राज़ील  सोयाबीन, चीनी और मांस उत्पादन में बेहद मजबूत है। चीन  कृषि प्रसंस्करण और तकनीक में
आगे है।

रूस  गेहूं निर्यात का बड़ा खिलाड़ी है। ऐसे में भारतीय किसानों को गुणवत्ता, उत्पादकता और लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ानी होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राकृतिक उत्पाद, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होगा।

उर्वरक कूटनीति
खाड़ी युद्ध के कारण रासायनिक उर्वरकों का संकट बड़ा हो  गया है भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देश में  है। यह बैठक उर्वरक कूटनीति के लिए  महत्वपूर्ण हो सकती है। ब्रिक्स देशों में रूस और चीन उर्वरकों के बड़े उत्पादक हैं। सहयोग बढ़ने पर उर्वरकों और कृषि आदानों की आपूर्ति स्थिर हो सकती है, जिससे लागत कम रखने में मदद मिलेगी।

रणनीतिक अवसर
भारत इस सम्मेलन से खुद को ‘वैश्विक खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों के हितों के प्रतिनिधि’ के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहा  है। 

छोटे किसानों, डिजिटल कृषि, मोटे अनाज मिलेट श्री अन्न, जैविक खेती और जलवायु-अनुकूल कृषि मॉडल को ब्रिक्स मंच पर बढ़ावा देकर अपनी महत्ता स्थापित कर सकता है।

ब्रिक्स के सामने प्रमुख चुनौतियां
जलवायु परिवर्तन के कारण सूखा, बाढ़ और अनियमित वर्षा।

छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने की चुनौती।

खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करना।

उर्वरकों और कृषि आदानों की लागत।

उत्पादों के लिए स्थिर बाजार और बेहतर मूल्य।

नई तकनीकों और डिजिटल नवाचार का सीमित प्रसार।

संबंधित समाचार

घर-घर पहुंचकर लोगों से की पानी बचाने की अपील
Top News

घर-घर पहुंचकर लोगों से की पानी बचाने की अपील:संभावित जल संकट को लेकर भाजपा पार्षद की पहल

20 minutes ago
छात्राओं को बताया पानी बचाने का महत्व
Top News

छात्राओं को बताया पानी बचाने का महत्व:जल संकट की आहट के बीच अभ्यास मंडल ने शुरू किया जागरूकता अभियान

36 minutes ago
लॉरेंस के गुर्गे ने इंस्टाग्राम पर दिखाई बहादुरी
Top News

लॉरेंस के गुर्गे ने इंस्टाग्राम पर दिखाई बहादुरी:उसी डिजिटल सुराग से इंदौर में पकड़ाया प्रांजल

41 minutes ago
किस लोकेशन से पुलिस कहां पहुंची
Top News

किस लोकेशन से पुलिस कहां पहुंची:कमरे से किसे बरामद किया; पुलिस टीम के पहुंचने की भनक लगते ही क्या हुआ

about 1 hour ago
भाजपा 30 को निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ- अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
Top News

भाजपा 30 को निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ- अराजकता हटाओ’ पदयात्रा:महानगर की कामकाजी बैठक संपन्न

about 1 hour ago
एक बेबस पिता, ढहती उम्मीदें और जिंदगी की जंग लड़ता हमारा साथी शेखर मालवीय
Top News

एक बेबस पिता, ढहती उम्मीदें और जिंदगी की जंग लड़ता हमारा साथी शेखर मालवीय

about 1 hour ago
लवकुश डबल डेकर ब्रिज के उद्घाटन की तारीख बदली
Top News

लवकुश डबल डेकर ब्रिज के उद्घाटन की तारीख बदली:पहले इस दिन होना था शुभारंभ; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की व्यस्तताओं के चलते बदलाव की चर्चा

about 1 hour ago
ट्रैफिक जाम में रेंगता रहा शहर
Top News

ट्रैफिक जाम में रेंगता रहा शहर:कागजों पर दौड़ती रही यातायात पुलिस

about 1 hour ago
वीडियो देखिये, शहर की सड़कों पर संघ का पथ संचलन
Top News

वीडियो देखिये, शहर की सड़कों पर संघ का पथ संचलन:मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और बेटे आकाश ने भी मिलाए कदम; इस दिन होगा शताब्दी वर्ष का वृहत एकत्रीकरण

about 1 hour ago
सूखते बोरिंग और तालाब टैंकर के लिए चुकाने पड़ रहे ₹2000 रु.
Top News

सूखते बोरिंग और तालाब टैंकर के लिए चुकाने पड़ रहे ₹2000 रु.:कहीं चार साल से जलसंकट; कहीं गलियों तक नहीं पहुंच रहे टैंकर, 35 लाख लीटर की टंकी से सप्लाई पर भी उठे सवाल

about 1 hour ago
2400 करोड़ की नर्मदा-माही उद्‌वहन सिंचाई योजना लोकार्पित
Top News

2400 करोड़ की नर्मदा-माही उद्‌वहन सिंचाई योजना लोकार्पित:सिंचित रकबा बढ़ाकर किया 40 लाख हेक्टेयर; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

about 1 hour ago
चलो वो बोतल आपको पिला दूं
Top News

चलो वो बोतल आपको पिला दूं:शराब से 13 मौत पर भड़के जीतू पटवारी

about 1 hour ago
फिर कैसे मिल गया शराब का ठेका
Top News

फिर कैसे मिल गया शराब का ठेका:मामला है पौने तीन करोड़ से अधिक की कथित फर्जी बैंक गारंटी का; बैंक ने किस बात से किया इनकार, किस हस्ती का पूर्व ओएसडी और ठेकेदार नामजद

about 1 hour ago
मुख्य आरोपी शरद सातपुते और शशिकांत नन्नौरे को जमानत नही
Top News

मुख्य आरोपी शरद सातपुते और शशिकांत नन्नौरे को जमानत नही:जिला सत्र न्यायालय ने दूसरी बार आवेदन किया निरस्त

about 1 hour ago
फोटोग्राफर के पास से बोरी में मिला 4 किलो गांजा गिरफ्तार
Top News

फोटोग्राफर के पास से बोरी में मिला 4 किलो गांजा गिरफ्तार:राजकुमार मिल के पास संदिग्ध हालत में बैठा था आरोपी; क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर धर दबोचा

about 1 hour ago
पिता खाना लेकर पहुंचे तो बेटे को इस हाल में देखा
Top News

पिता खाना लेकर पहुंचे तो बेटे को इस हाल में देखा:पत्नी दो साल की बेटी के साथ गई थी मायके; अब पुलिस कर रही है इस बात की जांच

about 1 hour ago
प्रेमी कमरे में शराब पी रहा था
Top News

प्रेमी कमरे में शराब पी रहा था:प्रेमिका ने आठवीं मंजिल से कूदकर दे दी जान

about 1 hour ago
छुट्टी पर घर लौटे CRPF जवान पर पत्नी की हत्या का आरोप
Top News

छुट्टी पर घर लौटे CRPF जवान पर पत्नी की हत्या का आरोप:बेटा न होने पर ताने देने की बात भी आई सामने; घायल ने अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम; भाई की शिकायत पर पति के खिलाफ केस दर्ज

about 2 hours ago
मंत्री प्रतिनिधि के बेटे के हर्ष फायर पर पुलिस की नजर कब पड़ेगी
Top News

मंत्री प्रतिनिधि के बेटे के हर्ष फायर पर पुलिस की नजर कब पड़ेगी:आरोप दिलीप चौधरी के पुत्र ललित पर खुलेआम फायरिंग में कार्रवाई का सवाल

about 2 hours ago
पंवार पिता-पुत्र की भूमिका तलाश रहा लोकायुक्त विभाग
Top News

पंवार पिता-पुत्र की भूमिका तलाश रहा लोकायुक्त विभाग

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!