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4.73 करोड़ की सड़क के बिल को लेकर रिश्वतखोरी: लोकायुक्त पुलिस अब पीडब्ल्यूडी को लिखेगी पत्र; होगी जांच

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 अप्रैल 2026, 5:03 pm
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4.73 करोड़ की सड़क के बिल को लेकर रिश्वतखोरी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में 4.73 करोड़ के सड़क निर्माण के अंतिम बिल पास कराने के नाम पर रिश्वतखोरी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त पुलिस ने 2.5 लाख रुपये की घूस लेते दो अधिकारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरा आरोपी मौके से बच निकला।

यह कार्रवाई धार के ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार की शिकायत पर की गई। इसमें बताया गया था कि उनकी फर्म ने वर्ष 2023 में मैथवाड़ा फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य पूरा किया था। इसके बावजूद अंतिम बिल पास करने के लिए अधिकारियों द्वारा अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। आरोप है कि कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम ने 1.50 लाख रुपये, जबकि एसडीओ टीके जैन और उपयंत्री अंशु दुबे ने एक-एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

लोकायुक्त टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम को उनके घर से 1.50 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया, जबकि एसडीओ टीके जैन को कार्यालय परिसर में एक लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।

इस दौरान 2.5 लाख रुपये मौके से बरामद किए गए। वहीं, तीसरा आरोपी अंशु दुबे को तय रकम उपलब्ध न होने के कारण मौके पर पैसे नहीं दिए गए, जिससे वह गिरफ्तारी से बच निकला। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में अब आगे विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

लोकायुक्त पुलिस संबंधित विभाग को पत्र लिखकर दोनों गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेगी। गौरतलब है कि इस साल के शुरुआती चार महीनों में ही लोकायुक्त ने 15 से अधिक भ्रष्टाचार के मामलों में रंगेहाथ ट्रैप कार्रवाई की है, जिनमें खरगोन, झाबुआ और इंदौर जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। फिलहाल दोनों गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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