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दो दिन पहले ही खरीदी थी कार: जिंदा जल गया उसमें घर का चिराग; मन्नतों से हुआ था जन्म, फूट-फूटकर रोते पिता बोले ऐसा

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मार्च 2026, 12:25 pm
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दो दिन पहले ही खरीदी थी कार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। एक खड़ी कार में अचानक लगी आग ने साढ़े तीन साल के मासूम चिराग की जिंदगी छीन ली। इस त्रासदी ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।

शव को सीने लगाकर रोए
बेटे के जले हुए शव को सीने से लगाकर रोते हुए पिता संजय बहेड़िया बार-बार यही कहते रहे— “मैं अपने बेटे को बचा नहीं पाया…”। उनका यह विलाप वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गया।

दो दिन पहले खरीदी थी सेकेंड हैंड कार
रालामंडल निवासी संजय बहेड़िया पेशे से मैकेनिक हैं। उन्होंने महज दो दिन पहले ही इंदौर से एक सेकेंड हैंड कार खरीदी थी। परिवार में नई कार आने से खुशी का माहौल था। शुक्रवार रात ही वे परिवार के साथ धामनोद से एक शादी समारोह से लौटे थे। शनिवार सुबह संजय अपने बेटे चिराग को उसी नई कार में घुमाने निकले। उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनके बेटे का आखिरी सफर बन जाएगा।

कुछ मिनटों में खुशियां मातम में बदलीं
इंदौर-इच्छापुर रोड स्थित साकार सिटी के पास संजय को एक परिचित ने डीजे वाहन देखने के लिए बुलाया। वे चिराग को आगे सीट पर बैठाकर वहां पहुंचे और कार सड़क किनारे खड़ी कर दी। कांच थोड़ा खोलकर वे कुछ ही दूरी पर काम देखने चले गए।

कुछ ही सेकंड में भयानक आग
इसी दौरान कार से अचानक धुआं उठने लगा, जो कुछ ही सेकंड में भयानक आग में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले बैटरी में धमाका हुआ, फिर एसी कंप्रेसर फट गया और पूरी कार आग का गोला बन गई। महज 10 से 15 मिनट के भीतर कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

“पापा बचा लो…” – लेकिन लाचार रह गया पिता
धमाका सुनकर संजय दौड़ते हुए कार के पास पहुंचे, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। अंदर उनका मासूम बेटा फंसा हुआ था। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, शीशे तोड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन तेज लपटों के कारण कोई कार के करीब तक नहीं जा सका। संजय खुद आग में कूदकर बेटे को बचाना चाहते थे, लेकिन लोगों ने उन्हें रोक लिया।कुछ ही मिनटों में सब खत्म हो गया—चिराग की जिंदगी भी।

मन्नतों के बाद हुआ था चिराग का जन्म
परिजनों के अनुसार, संजय की शादी को 12 साल हो चुके हैं। उनकी एक 10 साल की बेटी मुस्कान है। करीब 8 साल की मन्नतों और प्रार्थनाओं के बाद बेटे चिराग का जन्म हुआ था। परिवार ने ‘शिवा बाबा’ से मन्नत मांगी थी और अप्रैल में उसे पूरा करने की तैयारी चल रही थी। लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

मां बेसुध, मोहल्ले में पसरा मातम
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही चिराग का शव घर पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। मां मीनू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रही हैं— “मेरा बेटा तो अभी खेल रहा था… मेरा चिराग कहां चला गया?” पिता संजय मुक्तिधाम में बेटे के शव से लिपटकर खुद को कोसते रहे। इस मंजर को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
सिमरोल थाना प्रभारी के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और जांच जारी है।यह भी देखा जा रहा है कि सेकेंड हैंड कार की वायरिंग, बैटरी या एसी यूनिट में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।

एक्सपर्ट्स की सलाह
इस हादसे के बाद विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है- सेकेंड हैंड कार खरीदते समय वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की पूरी जांच कराएं। बैटरी और एसी यूनिट की स्थिति जरूर चेक करें। बच्चों को कभी भी कार में अकेला न छोड़ें, चाहे कुछ मिनट के लिए ही क्यों न हो

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