मजदूर-किसानों की काली दीपावली: न वेतन दिया, न पानी
KHULASA FIRST
संवाददाता

नर्मदा गंभीर परियोजना: एनवीडीए और ठेकेदार पॉवर लिकर
खेल रहे शोषण, दोहन और आर्थिक अपराध का खेल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी का कहना है कि यह कंपनी कुछ मजदूरों का आठ माह का वेतन और बाकी मजदूर कर्मचारियों के चार माह का बकाया वेतन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान 3 साल से नहीं कर रही। किसानों के साथ भी इस कंपनी ने छलावा किया है।
अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के प्रबंधकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि मुख्यमंत्री को भी अंधेरे में रखकर सरकार के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। बावजूद इसके ठेकेदार कंपनी का बाल भी बांका नहीं हुआ, जबकि कंपनी के काले कारनामे दस्तावेजों में दर्ज हैं।
इसकी शिकायतें और जांच की मांग बार-बार की जाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होना बताता है कि सरकारी संरक्षण में बाहर की कंपनी प्रदेश में आकर खुलेआम मजदूर कर्मचारियों का दोहन-शोषण कर रही है। सरकारी संपत्ति को भयावह तरीके से नुकसान भी पहुंचा रही है।
यह सब कुछ नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट अफसर के कारण ही संभव हो पा रहा है, जो मुख्यमंत्री के साथ भी छल-कपट कर रहे हैं। अनुभवी कर्मचारियों को परियोजना से निकाल दिया गया और अनुभवहीन सस्ते लोगों को परियोजना का काम सौंप दिया।
इस कारण परियोजना जर्जर हालत में पहुंच गई है। इसके लिए प्राधिकरण के अफसर जिम्मेदार हैं, जिनके वेतन से पैसा काटकर सरकारी राजस्व को हुए नुकसान और गरीब मजदूरों को वेतन दिलाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अधीन नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अवसर ठेकेदार कंपनी पॉवर लिकर में नर्मदा गंभीर परियोजना में कार्यरत रहे और कार्य कर रहे कर्मचारी और सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे किसानों की दीवाली काली करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है।
बीते 3 वर्षों से पॉवर लिकर कंपनी ने इस परियोजना में कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों को कई महीनों का बकाया वेतन नहीं दिया। न ही अन्य जरूरी सुविधा दी। बिना लाइसेंस इस परियोजना के संचालन का ठेका हासिल करने वाली इस घोटालेबाज कंपनी पर नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस कदर मेहरबान हैं कि कंपनी के हर आर्थिक अपराध, परियोजना को खोखला करने के काम में और गरीब कर्मचारी के साथ की जा रही लूट में पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
ऐसे किया मुख्यमंत्री से छल-कपट...परियोजना की जर्जर होती हुई हालत, रखरखाव में घटिया उपकरणों का उपयोग, अनुभवहीन सस्ते कर्मचारी और श्रमिकों के कारण पाइप लाइन व पंपिंग स्टेशन के पंप दम तोड़ रहे हैं। यह जानते हुए भी प्राधिकरण के अफसर सरकार को मूर्ख बनाने से पीछे नहीं हटे।
मुख्यमंत्री से गलत घोषणा करवा दी या फिर मुख्यमंत्री ने जो दावा किया, उसे पूरी बेशर्मी और बदनीयती के साथ झूठा ठहराने का दुस्साहस किया। अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए जिम्मेदार अफसर ने मुख्यमंत्री के वादे और दावे के साथ उनकी छवि खराब होने की परवाह भी नहीं की।
आज भी स्थिति यही है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अवसरों ने यह जानते हुए भी कि 15 अक्टूबर तक सिंचाई का पानी नहीं दिया जा सकता, मुख्यमंत्री को सच्चाई से अवगत नहीं कराया।
मुख्यमंत्री ने अल्पवर्षा को देखते हुए 15 अक्टूबर तक नर्मदा-मालवा गंभीर परियोजना से इंदौर-उज्जैन जिलों के किसानों की 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की घोषणा की थी।
पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर ने ठेकेदार कंपनी व भ्रष्ट अफसर की सच्चाई जाने बिना सरकार की घोषणा का स्वागत करते हुए सरकार को "किसान हितैषी’ बताया। अब उनकी यह घोषणा और प्रतिक्रिया मजाक का विषय बनी हुई है।
उषा ठाकुर की भी आलोचना हो रही है। जमीनी हकीकत यह है कि परियोजना का संचालन-संधारण कर रही ठेकेदार कंपनी पॉवर लिकर (चैन्नई) पर मजदूरों के शोषण और अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। इसका असर खेतों तक पानी न पहुंचने के रूप में दिख रहा है।
बकाया वेतन; न पीएफ, न ईएसआईसी... कर्मचारियों के अनुसार कंपनी ने 1 मई 2023 से 1 मई 2026 तक पीएफ और ईएसआईसी नहीं काटा, बोनस नहीं दिया और 12 घंटे ड्यूटी कराई। ओवरटाइम मांगने पर काम से निकालने की धमकी दी गई।
पहला टेंडर एग्रीमेंट 6 दिसंबर 2022 को हुआ था। राज्य शासन द्वारा 1 अप्रैल 2024 से घोषित 2,225 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी का एरियर भी नहीं मिला। कर्मचारियों का दावा है कि वेतन 3-4 महीने देरी से मिलता रहा और जनवरी से अप्रैल 2026 का वेतन अब तक बकाया है। उन्हें न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा।
आरोप है कि 12 हजार और 25 हजार रुपए वेतन वालों का पीएफ 960 रुपए ही काटा गया। ग्रेच्युटी और शासकीय अवकाश का लाभ भी नहीं दिया गया। ईएसआईसी कार्ड न होने से एक कर्मचारी राधेश्याम दांगी के ऑपरेशन में 4 लाख रुपए से अधिक खर्च हुआ और कंपनी से कोई मदद नहीं मिली।
दीवाली से पहले भुगतान की मांग... भारतीय मजदूर संघ ने मजदूरों का बकाया वेतन दीवाली से पहले देने की मांग की है। संघ का कहना है कि भुगतान न हुआ तो गरीब मजदूरों के घर रोशन नहीं हो पाएंगे और किसानों की दीवाली भी फीकी रहेगी।
देश का सबसे बड़ा खुशियों, रोशनी और धन-धान्य समृद्धि का त्योहार दीपावली हर किसी के घर को रोशन करता है। सनातन संस्कृति के हिसाब से इस बड़े पर्व पर मालवणी मोड़ के ऐसे कई गरीब मजदूर कर्मचारी भी हैं, जिन्हें बाहरी राज्य की एक बदनाम कंपनी पॉवर लिकर में बकाया वेतन नहीं दिया जा रहा।
इसी तरह समय पर इंदौर-उज्जैन जिले के किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं दिया गया, जिसके फलस्वरूप फसलें प्रभावित हो रही हैं। पूरे मामले में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट नजर आ रही है।
फर्जी कर्मचारियों के नाम पर भुगतान का आरोप
सरकारी टेंडर के अनुसार परियोजना में 203 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि मात्र 60 से 70 लोगों से काम लिया जा रहा है। इस कारण बीते 3 साल से परियोजना का कार्य प्रभावित हो रहा है।
203 कर्मचारियों के नाम पर करीब 40 प्रतिशत कर्मचारी ही लगाए गए और शेष फर्जी नामों से नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) से भुगतान निकाला जा रहा है। भारतीय मजदूर संघ ने भी कंपनी पर सरकार से धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
शिकायतें बेअसर क्यों... भारतीय मजदूर संघ ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज मेहरा और एनवीडीए के कार्यपालन यंत्री शिवहरे को लिखित आवेदन दिए। एसडीएम और कलेक्टर को भी शिकायत की गई, पर सिर्फ तारीखें मिलीं।
श्रम विभाग खरगोन में करीब पांच माह चक्कर लगवाए गए। मामला श्रम आयुक्त इंदौर तक पहुंचा, फिर लेबर कोर्ट खंडवा भेज दिया गया, जहां से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आया और 5 नवंबर तक वेतन देने के आदेश न्यायालय ने दिए, लेकिन कंपनी ने इस दिशा में अभी तक कोई भी पहल नहीं की है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत एल-4 स्तर तक जाकर स्वतः बंद कर दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि प्रतिभावान कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे कई ने नौकरी छोड़ दी। इनमें से एक राकेश राठौर भी हैं, जिनका करीब 8 महीने का वेतन नहीं दिया गया और उन्हें नौकरी से निकाल दिया।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी पंकज माल्तारे और नरेंद्र पटेल ने बताया 1 मई 2026 से कर्मचारियों को जॉइनिंग लेटर, 8 घंटे ड्यूटी, पीएफ, ईएसआईसी, ओवरटाइम और बोनस की शिकायत के बाद पुरानी अवधि का कोई भुगतान अब तक नहीं हुआ।
किसान भी बेहाल...रखरखाव में घटिया सामग्री और उपकरणों के उपयोग के आरोप हैं। पंप हाउस, पॉवर ग्रिड और पाइप लाइन का समय पर मेंटेनेंस नहीं होता, जिससे पाइप लाइन बार-बार फूट रही है।
इस परियोजना से इंदौर-उज्जैन की 6 तहसीलों के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। किसानों का कहना है कि जरूरत के समय सिंचाई न होने से तीन हफ्ते में फसलों को भारी नुकसान हो चुका है और जब तक पानी पहुंचेगा, नुकसान हो चुका होगा।
संबंधित समाचार

गश्त के बजाय शराब पार्टी में जुटे पुलिसकर्मी:दो लाइन अटैच

वीडियो देखिये, टीआई की शहादत पर बोले मुख्यमंत्री:परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है सरकार; जहरीली शराब समेत किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं करेंगे

गाली देने से रोका तो परिवार पर चाकुओं से हमला:पिता-बेटी सहित चार घायल; युवती की हालत गंभीर

वीडियो देखिये, लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान को लेकर पदयात्रा:रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे शामिल; मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

जर्जर छत पर टावर निगम की आंखों पर पट्टी:खतरे का खेल; जोन के अधिकारी बेखबर

यदि पानी बर्बाद किया तो 10 हजार रु. जुर्माना:जल नीति मंजूर; 300 नए नलकूप खोदेंगे, 33 ट्रक टैंकर खरीदेंगे

विश्व प्रसिद्ध मंदिर में महिला श्रद्धालु से पुलिसकर्मी ने की मारपीट:महिला गार्ड की मौजूदगी में उठाया हाथ; पुलिसकर्मी के व्यवहार पर उठे सवाल

खाकी लहूलुहान माफिया बेलगाम:खातेगांव कांड ने हिला दी व्यवस्था की बुनियाद

शादी का झांसा देकर बनाए संबंध:3 साल तक करता रहा शोषण; दूसरी जगह सगाई कर मुकरा, थाने पहुंची युवती, एफआईआर दर्ज

इंटरनेट पर वीडियो देखकर लगाया इंजेक्शन:नेपाली युवक का हुआ यह हाल; फॉरेंसिक रिसर्च करने वाली डॉक्टर देश में अव्वल

पकड़ा गया रिटायर्ड IAS का हत्यारा:भागने की कोशिश में पुलिस ने पैर में मारी गोली; अब पूछताछ में होगा खुलासा

राहुल गांधी ने पूरा किया अपना वादा:बड़वानी की युवती की आंखों का दिल्ली में कराया इलाज; बेहतर हुई रोशनी, फ्लाइट से लौटी

पानी बर्बाद करने वालों की अब खैर नहीं:निगम ने तय किया जुर्माने का नया नियम; पहली गलती पर 2 हजार, तीसरी पर लगेगा इतना

शहर के स्कूली बच्चों का टेंपो ट्रेवलर हिमाचल प्रदेश में पलटा:इतने विद्यार्थी और शिक्षक घायल; पुलिस ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

पानी के टैंकरों पर नगर निगम की सख्ती:पीली पट्टी से होगी पहचान; लीकेज पर होगी कार्रवाई

देवास जहरीली शराब कांड:कांग्रेस प्रवक्ता गिरफ्तार; कोर्ट ले जाते समय बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती, बेटे के बाद पुलिस ने पिता को भी पकड़ा

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई:तीन तस्कर गांजे के साथ गिरफ्तार; ग्राहक तलाशते समय दबोचा

गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार:बैग से लाखों का माल जब्त; क्राइम ब्रांच और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

मंत्री ने सीढ़ियों पर बैठकर सुनी नागरिकों की समस्याएं:तहसील कार्यालय का किया औचक निरीक्षण; अधिकारियों को दो टूक निर्देश

वीडियो देखिये; तिरंगे में लिपटे अपने बेटे को देख टूटा परिवार के सब्र का बांध:गूंजती रहीं अपनों की चीखें; बिलखते परिजनों का विलाप देख हर आंख हुई नम
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!