राज्यसभा की तीसरी सीट पर बीजेपी का बड़ा गेम प्लान: चार फॉर्म से बढ़ा सस्पेंस; कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता, 8 जून तक रहस्य बरकरार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के बाद अब राज्यसभा की संभावित तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा द्वारा चार नामांकन फॉर्म लिए जाने के बाद इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक दांव चल सकती है।
यह सबसे बड़ा सवाल
प्रदेश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा तीसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार मैदान में उतारेगी या फिर किसी निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देकर नया राजनीतिक समीकरण तैयार करेगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है।
चार नामांकन फॉर्म ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने दो अधिकृत उम्मीदवारों के रूप में तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है, लेकिन पार्टी द्वारा चार नामांकन फॉर्म लिए जाने के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसके पीछे संभावित रणनीति तलाशने में जुट गए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि तीसरी सीट को लेकर भी विकल्प खुले रखे गए हैं।
8 जून तक बना रहेगा सस्पेंस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नामांकन वापसी और अंतिम प्रक्रिया पूरी होने तक तस्वीर साफ नहीं होगी। ऐसे में 8 जून तक तीसरी सीट को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगने की संभावना कम दिखाई दे रही है। भाजपा की रणनीति पर नजर रखने वाले नेताओं का कहना है कि पार्टी अंतिम समय तक अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती और सभी संभावित विकल्पों पर काम कर रही है।
मीनाक्षी नटराजन की एंट्री के बाद बदले समीकरण
प्रदेश कांग्रेस में हालिया राजनीतिक सक्रियता और वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन की बढ़ती भूमिका के बाद राज्यसभा चुनाव के समीकरणों को नए नजरिए से देखा जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कोशिशों के बीच राज्यसभा चुनाव पार्टी की एकजुटता की परीक्षा भी बन सकता है। इसी वजह से दोनों प्रमुख दल अपने-अपने विधायकों को साधने और किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति से बचने में जुटे हुए हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार पर दांव की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि तीसरी सीट के लिए किसी निर्दलीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी दल ने खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन पर्दे के पीछे कई तरह के राजनीतिक समीकरणों पर मंथन चलने की खबरें सामने आ रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो चुनाव और अधिक रोचक हो सकता है तथा वोटों के गणित पर सबकी नजर रहेगी।
‘विनोद गोटिया मॉडल’ की चर्चा फिर तेज
राज्यसभा चुनाव की हलचल के बीच पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों की भी चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक हलकों में तथाकथित "विनोद गोटिया मॉडल" की पुनरावृत्ति की अटकलें लगाई जा रही हैं।
माना जा रहा है कि यदि मुकाबला त्रिकोणीय या अप्रत्याशित रूप लेता है तो दलों के भीतर वोट प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां और विधानसभा का गणित पहले की तुलना में काफी अलग है, लेकिन चुनावी रणनीतियों में पुराने अनुभवों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का डर?
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस अपने विधायकों की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दे रही है, जबकि भाजपा अपने मजबूत संख्याबल को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तीसरी सीट पर मुकाबले की स्थिति बनती है तो दोनों दलों के लिए विधायकों की मौजूदगी और वोटिंग पैटर्न बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगा।
पर्दे के पीछे बिछ रही राजनीतिक बिसात
फिलहाल राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि पर्दे के पीछे रणनीतिक स्तर पर कई तरह की संभावनाओं पर काम चल रहा है।
भाजपा का अतिरिक्त नामांकन फॉर्म लेना, निर्दलीय उम्मीदवार की चर्चाएं, कांग्रेस की आंतरिक चुनौती और क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं मिलकर इस चुनाव को सामान्य राज्यसभा चुनाव से कहीं अधिक दिलचस्प बना रही हैं।
अब सबकी निगाहें आने वाले 48 घंटों पर टिकी हैं, क्योंकि इसी दौरान यह साफ हो सकेगा कि तीसरी सीट को लेकर चल रही चर्चाएं महज अटकलें हैं या फिर मध्यप्रदेश की राजनीति में कोई नया समीकरण आकार लेने वाला है।
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