खबर
Top News

मुख्यमंत्री के सामने नहीं खुला भाजपा नेताओं का मुंह: आखिर किसकी करने वाले थे शिकायत; किस बात पर भी साध ली चुप्पी

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 मार्च 2026, 3:52 pm
311 views
शेयर करें:
मुख्यमंत्री के सामने नहीं खुला भाजपा नेताओं का मुंह

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर दौरे के दौरान सियासी हलचल देखने को मिली। दो दिन पहले ही इंदौर बीजेपी नगर की कोर समिति की बैठक में तय हुआ था कि शहर के अधिकारियों के कामकाज और एमओएस टैक्स को लेकर मुख्यमंत्री के सामने शिकायत की जाएगी। लेकिन दौरे के दौरान बीजेपी के सभी नेता चुप रहे और कोई मुद्दा नहीं उठाया।

कोर कमेटी बैठक में तय हुआ था क्या?
27 मार्च को हुई बैठक में विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, गोलु शुक्ला और नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा मौजूद थे। बैठक में चर्चा हुई कि इंदौर के अधिकारी नेताओं की सुनवाई नहीं करते और इससे शहर के विकास पर असर पड़ रहा है।

टैक्स का मुद्दा भी नहीं उठाया
नेताओं ने यह तय किया था कि मुख्यमंत्री के दौरे में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही एमओएस टैक्स यानी “नगर निगम द्वारा संचालित सेवा कर” को लेकर भी एजेंडा तय किया गया था। उनका मानना था कि यह टैक्स जनता में नाराजगी पैदा कर रहा है और इसके पुनर्विचार की आवश्यकता है।

दौरे के दौरान क्यों रही खामोशी?
29 मार्च को दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने कोई भी नेता अधिकारियों की शिकायत या एमओएस टैक्स के मुद्दे को उठाने के लिए आगे नहीं आया। सभी नेता एक-दूसरे की पहल का इंतजार करते रहे और अंततः सब चुप रहे।

किसी अन्य मुद्दे पर नहीं हुई चर्चा
बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री से किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने इंदौर को कई अहम सौगातें दी हैं और यह ऐतिहासिक दिन था।”

महापौर ने कही ये बात
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कहा कि एमओएस टैक्स पर जल्द चर्चा होगी और इसके पुनर्विचार के लिए आग्रह किया गया है। लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे में यह मुद्दा सार्वजनिक तौर पर नहीं उठाया गया।

मंच पर अनोखा दृश्य
दशहरा मैदान में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित था। इस दौरान नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें बेहद रोचक अंदाज में भाषण दिया।

मिश्रा ने मुख्यमंत्री की योग्यता और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया। साथ ही उन्हें वक्ता, संगठक, ज्ञानी और जिज्ञासु बताया। इस भाषण पर खुद डॉ. मोहन यादव भी मुस्करा दिए। मंच पर मौजूद अन्य नेता और दर्शक भी इस परिचय से मुस्कराए बिना नहीं रहे।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!