भाजपा नेता पर गुंडागर्दी का आरोप: गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से किया हमला
KHULASA FIRST
संवाददाता

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत डॉ. तरुण बापू
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ‘हिंदुत्व’, ‘सेवा’ और ‘संस्कार’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसी विचारधारा का चेहरा बनने वाले नेता महेश पालीवाल पर बदमाशों के साथ मिलकर राष्ट्रीय संत परिवार पर हमला कर बेटे का दांत तोड़ने और महिलाओं से अभद्रता के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला इंदौर के नवलखा क्षेत्र का है।
राष्ट्रीय संत के परिवार के साथ कथित तौर पर मारपीट, अभद्रता और खुलेआम धमकियों की घटना सामने आई है। घटना के बाद परिजनों के साथ संत को पूरी रात थाने पर परेशान होना पड़ा। भाजपा नेताओं के दबाव में देर रात तक हमलावरों पर केस दर्ज तक नहीं किया गया। मामला कमिश्नर के संज्ञान में आने के बाद केस दर्ज किया गया। घटना के वीडियो सामने आए है।
जानकारी के अनुसार, संयोगितागंज पुलिस ने नवलखा क्षेत्र बृजेश्वरी अपार्टमेंट निवासी अक्षय शर्मा (28) की शिकायत पर पालीवाल परिवार के सदस्यों ओर अन्य पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। संत के बेटे अक्षय ने बताया कि 15 मार्च 2026 की रात करीब 11:15 बजे उनके जीजा रीतेश मालवीया ने आरके अस्पताल के पीछे सार्वजनिक स्थान पर कार खड़ी की थी।
कार से सामान निकालने के दौरान वहीं रहने वाले पालीवाल परिवार के सदस्य वहां पहुंचे और कार हटाने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में इतनी बढ़ गई कि पालीवाल परिवार के सदस्यों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर अक्षय शर्मा को घसीटकर पीटा और एक युवक ने उनके मुंह पर जोरदार घूंसा मारा, जिससे उनका सामने का दांत टूट गया।
बीच-बचाव करने आए दीपेश के साथ भी बेरहमी से लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इतना ही नहीं, अक्षय के पिता रमेश शर्मा उर्फ डॉ. तरुण मुरारी बापू जी समझाने पहुंचे, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। विवाद बढ़ने पर जब अक्षय की पत्नी कौशिकी शर्मा मौके पर पहुंचीं, तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट की कोशिश की गई।
पीड़ित ने बताया कि हमले के दौरान उनके और जीजा की सोने की चेन व लॉकेट भी गिर गए, जिन्हें ढूंढने पर आरोपियों ने दोबारा गालियां दीं और जान से खत्म करने की धमकी दी। साथ ही रीतेश मालवीया की दोपहिया वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद वह शिकायत लेकर संयोगितागंज थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी एक ना सुनी।
भाजपा नेताओं के दबाव में पूरी रात संत और परिवार को टरकाते रहे। आखिरकार क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत डॉ. तरुण बापू हाई कमान को फोन घुमाए तब जाकर उनकी सुनवाई हुईं। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद महेश पालीवाल और अन्य के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया। घटना के 8 दिन बीतने के बाद भी अब तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं की गई।
उल्टा भाजपा नेताओं से दबाव बनवाकर उनके खिलाफ भी क्रास कायमी कर ली। संयोगितागंज टीआई केपी यादव के अनुसार महेश पालीवाल के बेटे की शिकायत पर संत के परिवार के लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
वहीं, संत के बेटे अक्षय की शिकायत पर पालीवाल बंधुओं सहित अन्य पर केस दर्ज किया है। मामले में जांच जारी है। इसके बाद एक्शन लिया जाएगा। दोनों पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे है।
गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से किया हमला
क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत डॉ. तरुण बापू ने बताया कि वे खंडवा जिले के मूंदी में आयोजित हिंदू सम्मेलन से लौटकर निवास और ज्योतिष कार्यालय नवलखा चौराहे पर रात में इंदौर पहुंचे थे। उनके बेटे अक्षय शर्मा, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, कार से सामान निकाल रहे थे, तभी यह घटना हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जगह पर कुछ समय के लिए कार खड़ी करने पर पालीवाल परिवार के 4-5 लोग आए और गुंडागर्दी करते हुए बिना किसी कारण के गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें मेरे बेटे का दांत टूट गया।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन रात 11:20 बजे हुई घटना की रिपोर्ट सुबह करीब 5 बजे दर्ज की गई। इससे भी ज्यादा गंभीर आरोप यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पूरी रात बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को भी मोर्चा संभालना पड़ा, तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक दबाव में आकर पालीवाल पक्ष की ओर से क्रॉस कायमी दर्ज कर ली।
6 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज
क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत डॉ. तरुणमुरारी बापू ने बताया कि वे खंडवा जिले के मूंदी में आयोजित हिंदू सम्मेलन से लौटे थे। जब कार से सामान निकाल रहे थे, तभी महेश पालीवाल और उसके परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन रात 11.15 बजे हुई घटना की रिपोर्ट सुबह करीब 5 बजे दर्ज की गई।
इससे भी ज्यादा गंभीर बात ये है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। रात में जब बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने थाने पर मोर्चा संभाला तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक दबाव में आकर पालीवाल पक्ष की ओर से क्रॉस कायमी भी कर ली, जबकि वो तो आरोपी हैं। हमने उन पर कोई हमला नहीं किया था, बल्कि गाली-गलौच, मारपीट उन्होंने मेरे और परिजनों के साथ की।
सवालों के घेरे में ‘संस्कार’ की राजनीति:
जिस पार्टी की विचारधारा ‘संस्कार’, ‘परिवार’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ जैसे मूल्यों पर आधारित होने का दावा करती है, उसी के एक नेता पर इस तरह के आरोप न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि राजनीतिक संरक्षण और कानून के दुरुपयोग की आशंकाओं को भी जन्म देते हैं। चर्चा है कि क्या सत्ता का रसूख अब कानून से ऊपर हो गया है? क्या आम नागरिक और अब संत परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं?
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